
दारू प्रखंड के अंतर्गत हरली पंचायत के हरली गांव में स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय हरली स्कूल में 130 छात्रा पढ़ रही है। इस विद्यालय में अध्यनरत छात्राओं को पढ़ाने के लिए एक वार्डन सहित कुल तीन शिक्षिका है। यहाँ कम संख्या में शिक्षिका रहने के कारण छात्राओं की पढ़ाई सही ढंग से नही हो पा रही है। विद्यालय में ठीक से पढ़ाई नहीं होने के कारण यहां के अभिभावकों में भारी नाराजगी और गुस्सा दिख रहा है। विद्यालय परिसर में गुरुवार को शिक्षक और अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में अभिभावक काफी गुस्सा में नजर आये, उनका कहना था कि वह अपने बच्चों को यहां रखकर अच्छे शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रहे है। ताकि हमारे बच्चे भी इस आवासीय विद्यालय में पढ़कर विद्यालय का नाम रोशन करें लेकिन इस आवासीय विद्यालय में सिर्फ तीन शिक्षक है अभिभावक ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानी हो रही है पर जब विद्यालय में शिक्षिका पुरा रहेंगे नहीं तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी । यहाँ पढ़ने वाली छात्राओं का रिजल्ट खराब होगा और जिस कारण उनका भविष्य भी खराब हो सकता है। हरली पंचायत के पूर्व मुखिया दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि पिछले एक वर्षों से वह लोगों के साथ मिलकर यहां के शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग विभाग से कर रहे हैं। पर अब तक विभाग इस तरफ पुरा ध्यान नहीं दे रहा है। शिक्षक अभिभावक बैठक के दौरान अभिभावक काफी गुस्से में जा रहे थे और उनका कहना है कि यहां पर शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो अपने बच्चों को विद्यालय से हटा लेंगे ताकि उनका भविष्य बर्बाद ना हो। इस बारे में वार्डन चंचला कुमारी ने बताया कि बहुत आग्रह करने के बाद दो शिक्षक विद्यालय को दिया गया। यहां पर कुल 11 शिक्षक होने चाहिए जबकि यह तीन ही शिक्षक उपलब्ध है इस कारण पढ़ाई बच्चों की बाधित हो रही है और पूरी तरह से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। और सभी बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से अनुरोध किया है, कि विद्यालय में जल्द से जल्द शिक्षक की नियुक्ति किया जाए। ताकि बच्चों कि भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो। ताकि वह एक उज्जवल भविष्य के और अग्रसर हो। और इस विद्यालय का नाम रोशन करें।
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
