• Thu. Jan 1st, 2026

आदित्यपुर : आखिर किसके इशारे में चलता है सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली का कारोबार , विभागीय कार्यवाई में क्यों बरती जा रही है कोताही, खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है कारोबार,कौन है मास्टरमाइंड, जानिए पूरा मामला

BySubhasish Kumar

Sep 4, 2024

आदित्यपुर : सरायकेला जिले में सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा बेचने का मामला हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। आदित्यपुर स्थित सतबोहनी मोड़ के समीप सरकारी शराब दुकानों में बेड मंकी बियर का मूल्य 180 की जगह 190 रुपए ली गई। वही दो बियर का कुल 380 रुपया ग्राहक से वसूला गया।

जिले में सरकारी शराब दुकानों के कर्मचारियों की मनमानी से स्थानीय ग्राहकों का जीना दुश्वार हो चुका है। जिले में लगभग सभी सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली की जाती है। ग्राहकों को मजबूरन ज्यादा पैसे देकर शराब खरीदनी पड़ रही है। सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। हर दिन लाखों रुपए से भी अधिक अवैध पैसों की उगाही की जा रही है।

 

हाल ही के दिनों में कांड्रा और आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सरकारी शराब दुकान में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली के मामले को लेकर इलाके में सनसनी फैल गई थीं। जिसमें रॉयल चैलेंजर्स 175 एमएल की व्हिस्की में 190 रुपए की जगह 200 रुपए ली जा रही हैं। 375 व 750 एमएल की व्हिस्की में ₹20 से लेकर ₹40 ज्यादा की वसूली की जाती है। सूत्रों की माने तो जिले के लगभग सभी सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली में लेबर ठेकेदार से लेकर विभाग की मिली भगत सामने आने की सूचना मिल रही है। सभी का परसेंटेज भी बांटा गया है।शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली की जाती है। विभागीय अधिकारी भी कार्रवाई करने के नाम पर कोताही बरत रहे हैं। ऐसा कोई भी दिन ना हो ग्राहकों और दुकानदारों में नोकझोंक की बातें सामने ना आई हो। हर दिन ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

इस मामले में स्थानीय निवासियों द्वारा कई बार विरोध भी जताया गया है मगर आवाज उठाने पर ग्राहकों को डरा धमका कर चुप करा दिया जाता है। अक्सर इस तरह के मामले सरायकेला जिले में देखने को मिल रहे हैं। उत्पाद विभाग की चुप्पी कई सवालों को घेरे में डाल रहे हैं। इस अवैध धंधे में विभाग के कई लोगों की मिली भगत की सूचना मिल रही है। हालांकि यह जांच का विषय बन चुका है। इस पूरे प्रकरण में लेबर ठेकेदार के ऊपर भी कई गंभीर आरोप लग रहे हैंmz।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *