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दानवीर महाराजा भामाशाह जी की जयंती पर ओरिया में तैलिक समाज द्वारा भव्य समारोह आयोजित

सदर प्रखण्ड स्थित ग्राम पंचायत ओरिया के दुर्गा मंडप में तैलिक समाज द्वारा रविवार को दानवीर, शूरवीर एवं महान व्यक्तित्व के धनी परमपुज्य महाराजा भामाशाह जी की जयंती समारोह मनाई…

झामुमो ने शुरू किया बूथ कमेटी गठन का अभियान, ग्रामीणों ने नगर पंचायत अध्यक्ष के समक्ष रखीं बुनियादी समस्याएँ

*सरायकेला* – झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार सरायकेला प्रखंड के अंतर्गत छोटा दावना एवं बड़ा दावना में बूथ कमेटी गठन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस…

बकरीद पर्व को लेकर पेंक नारायणपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न ,सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील

नावाडीह / बेरमो से तुलसी प्रसाद की रिपोर्ट बोकारो जिला के अंतर्गत पेंक नारायणपुर थाना परिसर में थाना प्रभारी नितीश कुमार की अध्यक्षता में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण एवं…

जनसमस्याओं को लेकर एक्शन मोड में विधायक रागिनी सिंह, बिजली-पानी संकट पर खुद संभाला मोर्चा

झरिया : झरिया विधानसभा क्षेत्र में उत्पन्न बिजली एवं जल संकट को लेकर झरिया विधायक रागिनी सिंह लगातार सक्रिय नजर आईं। डिगवाडीह बिजली सब स्टेशन का 10 एमवीए ट्रांसफार्मर खराब…

सरायकेला: हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स झारखंड की नई कार्यकारिणी गठित, पिंकी मंडल अध्यक्ष, अमित मोदक बने राज्य सचिव

सरायकेला। हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स एसोसिएशन, झारखंड राज्य की नई कार्यकारिणी का गठन 2026-2029 कार्यकाल के लिए कर लिया गया है। शनिवार देर शाम गम्हरिया स्थित अरुणोदय क्लब सभागार में…

TMH अधिग्रहण के बाद टिनप्लेट हॉस्पिटल के 51 स्थायी कर्मियों को हटाने का नोटिस, 26 मई से धरना

जमशेदपुर : टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) द्वारा टिनप्लेट हॉस्पिटल के अधिग्रहण के बाद वहां 25 वर्षों से कार्यरत स्थायी प्रकृति के 51 कर्मचारियों को अचानक काम से बैठाने का नोटिस…

नीमडीह के कुशपुतुल गांव में घुसा जंगली हाथी, ग्रामीणों ने टॉर्च से खदेड़ा

सरायकेला : चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत कुशपुतुल सिरका (बड़तल) रोड किनारे बसे गांव में शनिवार देर रात जंगली हाथी के प्रवेश से अफरा-तफरी मच गई। रात करीब…

चरपोखरी के बालिका विद्यालय में रचा गया ‘बाल कला कुंभ’, 150 कलाकृतियों से सजी ज्ञानोत्सव की गैलरी

कला अभिव्यक्ति का माध्यम है, अभिव्यक्ति की आंतरिक तीव्रता संभवतः स्वप्न या मन की कल्पना तरंगों से मिलती है। बच्चे अपने कल्पनाओं की दुनियां का सृजन या रूप रेखा अपने…

जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी में तानाशाही और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं: दीपक पांडेय आजसू युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक दीपक पांडेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अगर जल्द ही इन गलत फैसलों को वापस नहीं लिया गया, तो छात्र और युवा आजसू एक जोरदार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। दीपक पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मुख्य रूप से (VC) के आने के बाद से लगातार अपने पद का दुरुपयोग किया जा आजसू नेता दीपक पांडेय ने साफ कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी मनमानी बंद करे और छात्रों के हित में फैसले ले। अगर यूनिवर्सिटी प्रबंधन अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं । आजसू युवा मोर्चा जोरदार आंदोलन के लिए बाध्य होगा Jamshedpur Women’s University में नई कुलपति डॉ. ऐला कुमार के पदभार संभालने के बाद से विश्वविद्यालय में कई प्रशासनिक फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पारदर्शिता, नियुक्ति प्रक्रिया, PhD जांच और अब विभागों को बंद करने की प्रक्रिया पर भी विश्वविद्यालय परिवार जवाब मांग रहा है। “नई कुलपति डॉ. ऐला कुमार के आते ही स्वनियुक्त कर्मचारियों को यह कहकर हटाया जाने लगा कि ‘राज्यभवन का आदेश’ है। यदि वास्तव में राज्यभवन के आदेशों का पालन ही प्रशासन की प्राथमिकता है, तो फिर वर्ष 2024 में जारी उस आदेश का क्या हुआ, जिसमें B.Ed एवं M.Ed विभाग के अनुबंध शिक्षकों की नियुक्तियों और उनकी PhD डिग्रियों की जांच करने को कहा गया था? विश्वविद्यालय परिवार जानना चाहता है कि आखिर उस जांच की फाइल आज तक आगे क्यों नहीं बढ़ी? क्या नियम केवल कमजोर कर्मचारियों पर लागू होंगे? क्या प्रभावशाली लोगों और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था है? वर्तमान कुलसचिव अनुपूरण झा, जो पहले CVCC के पद पर थीं, उनके कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कितनी नियुक्तियाँ हुईं? किन प्रक्रियाओं के तहत हुईं? क्या विज्ञापन, मेरिट और आरक्षण नियमों का सही पालन हुआ था या सब कुछ बंद कमरों में तय होता रहा? विश्वविद्यालय की जनता यह भी जानना चाहती है कि कई स्थायी एवं अनुबंध शिक्षक बिना किसी अध्ययन अवकाश (Study Leave) या स्पष्ट विभागीय अनुमति के PhD कैसे कर लेते हैं या कर रहे हैं? यदि कोई शिक्षक नियमित सेवा में रहते हुए शोध कर रहा था, तो उसकी उपस्थिति, सेवा दायित्व और शोध प्रक्रिया की जांच कब होगी? अब नया सवाल क्लस्टर व्यवस्था को लेकर भी उठ रहा है। जिस प्रकार कम विद्यार्थियों का हवाला देकर कुछ विषयों को बंद किया जा रहा है और संबंधित शिक्षकों को दूसरे विश्वविद्यालय या महाविद्यालय भेजने की तैयारी हो रही है, क्या यह नियम विश्वविद्यालय के सभी कम छात्र संख्या वाले विभागों पर समान रूप से लागू होगा? या फिर कार्रवाई केवल चुनिंदा विभागों और शिक्षकों तक सीमित रहेगी? क्या जो लोग कुलपति और प्रशासनिक संरक्षण में हैं, वे बचा लिए जाएंगे जबकि अन्य शिक्षकों को स्थानांतरण और विभाग बंदी का सामना करना पड़ेगा? विश्वविद्यालय प्रशासन स्पष्ट करे कि कम छात्र संख्या तय करने का मापदंड क्या है? कितने छात्रों पर विभाग बंद होगा? कौन-सी समिति ने यह निर्णय लिया? और क्या यह नियम हर विभाग पर समान रूप से लागू किया जाएगा? यदि विश्वविद्यालय में सुधार की बात की जा रही है, तो सुधार चयनात्मक नहीं हो सकता। हर नियुक्ति की जांच हो, हर संदिग्ध PhD की जांच हो, हर विभाग पर समान नियम लागू हों और हर प्रशासनिक निर्णय सार्वजनिक हो। क्योंकि विश्वविद्यालय व्यक्तिगत संरक्षण से नहीं, निष्पक्ष नीति और पारदर्शी प्रशासन से चलता है। अब विश्वविद्यालय परिवार भाषण नहीं, स्पष्ट जवाब चाहता है — जांच कब होगी? कार्रवाई किन पर होगी? और नियम आखिर सब पर समान रूप से लागू होंगे या नहीं?” जल्द इस पर वि वि प्रशासन कोई सख्त कदम उठाए ओर यहाँ हो रहे खेल को बंद करे अन्यथा वि वि में युवा आजसू ओर छात्र संघ तालाबंदी का कार्यक्रम होगा दीपक पाण्डेय प्रदेश संयोजक युवा आजसू

आजसू युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक दीपक पांडेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अगर जल्द ही इन गलत फैसलों को वापस नहीं लिया गया, तो छात्र और…

ग्रामीण एकल महिलाओं ने जाना ‘चमत्कारों’ के पीछे का विज्ञान

चिलगु, दलमा (झारखंड): सरायकेला-खरसावां ज़िले स्थित सोबरन स्मृति शिक्षापीठ में एकल नारी सशक्ति संगठन, झारखंड द्वारा अपने नेतृत्वकारी सदस्यों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अंधविश्वास…