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2 किलो 643 ग्राम दही खाकर 48 वर्षीय भरत बने दही सम्राट तो, 39 वर्षीय सुनीता को मिला दही सम्रागी का ताज।

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Jan 23, 2024

 

अंतर्कथा प्रतिनिधि

देवघर -: मेधा डेयरी एवं इंडियन डेयरी असोशिएशन ( ईस्टर्न जोन) –झारखण्ड चैप्टर की तरफ से आयोजित “मेधा दही खाओ ईनाम पाओ प्रतियोगिता 2024” सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस प्रतियोगिता के अंतर्गत कुल 256 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और तीन मिनट में दही खाकर तीन वर्गों (महिला, पुरुष एवं वरिष्ठ नागरिक) में पुरस्कार प्राप्त किए | पुरस्कार पाने वालो मे पुरुष वर्ग से 48 वर्षीय भरत प्रसाद चौधरी ने तीन मिनट के भीतर 2 किलो 643 ग्राम दही खाकर दही सम्राट का ताज अपने नाम किया तो 2 किलो 543 ग्राम दही खाने वाले सुनील चौधरी को दही श्रीमान के ख़िताब से नवाजा गया। वहीं, तीसरे नंबर पर 44 वर्षीय राजेश कुमार झा ने 2 किलो 171 ग्राम दही खाकर दही वीर का ख़िताब अपने नाम किया। बात महिला वर्ग की करें तो 39 वर्षीय सुनीता देवी ने 3 मिनट मे 2 किलो 46 ग्राम दही खाकर दही साम्राज्ञी का ख़िताब अपने नाम किया तो वहीं 1 किलो 757 ग्राम दही खाकर 32 वर्षीय रीता देवी दही श्रीमती और 1 किलो 691 ग्राम दही खाने वाली 27 वर्षीय शिल्पा कुमारी यादव को दही वीर के ख़िताब से नवाजा गया। इस प्रतियोगिता ने सीनियर सिटीजन भी किसी से कम नज़र नहीं आए। प्रीतियोगिता की शुरुआत राज्य के कृषिमंत्री बादल पत्रलेख ने दही खाकर की। इस मौके पर मंत्री –कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखण्ड सरकार बादल पत्रलेख ने झारखण्ड राज्य दुग्ध उत्पादक सहकारी महासंघ लिमिटेड (जे.एम.एफ.) के कार्यों की सराहना की और राष्ट्रिय डेयरी विकास बोर्ड के प्रबंधन में मेधा डेयरी के विकास से काफी संतोष प्रकट किया । बादल पत्रलेख ने झारखण्ड के लोगों का मेधा से जुडने के लिए आहवाहन किया एवं झारखण्ड के किसान दूध उत्पादक भाइयों को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर सुधीर कुमार सिंह,अध्यक्ष इंडियन डेयरी असोशिएशन ( ईस्टर्न जोन) सह प्रबंध निदेशक- झारखण्ड राज्य दुग्ध उत्पादक सहकारी महासंघ लिमिटेड (जे.एम.एफ.) भी मौजूद रहे। प्रबंध निदेशक ने हमारी पुरानी खाने-पीने की संस्कृति को रेखांकित करते हुए कहा कि, पुराने समय में लोग पेट भर खाने के बाद भी कई किलो दही एवं मिठाई भी खा जाया करते थे। अब दिन प्रति दिन मेधा दही की मांग बढ़ रही है जिसके कारण मेधा डेयरी के पास 80 ग्राम दही कप से लेकर 15 कि॰ ग्राम के दही बकेट तक उपलब्ध हैं। श्री. सिंह ने झारखण्ड मिल्क फ़ैडरेशन के विकास कि बात कि साथ ही ब्रीड इम्प्रूवेमेंट के जरिए किस प्रकार मेधा डेयरी६ से सम्बद्ध किसान पशुओं के नस्ल में परिवर्तन कर दूध कि उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं, इसकी जानकारी दी । इस मकर संक्रांति के अवसर पर मेधा दही काफी पसंद किया गया और लोगों ने इसे हाथों हाथ लिया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्राहकों में सहकारी डेयरियों दवारा प्रदान किए जा रहे स्वच्छ एवं सेहतमंद उत्पादों का अधिक से अधिक मात्रा में उपयोग करने हेतु जागरूकता फैलाना है।
मेधा दही विदेश से मंगाए गए उच्च गुणवत्ता पूर्ण कल्चर से जमाया जाता है। मेधा दही संक्रामण रहित है और इसे हर रोज खाने से शरीर स्वस्थ रहता है.इस अवसर पर मेधा मिल्क प्लांट चित्तोलोढ़िया देवघर के प्लांट हेड मिलन मिश्रा समेत अन्य गन्यमान लोग उपस्थित रहे।


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