
धनबाद
गत 25 अगस्त को सिंदरी के शहरपुरा में ग्रामीणों द्वारा लक्की सिंह के कार्यालय में तोड़फोड़, पुलिस पर हमला, फायरिंग, वर्दी फाड़ने, पथराव, हिंसक प्रदर्शन के दौरान गंभीर जख्मी हुए भौरा ओपी प्रभारी हिमांशु कुमार के जल्द स्वस्थ होने की कामना के लिए भौरा की आम जनता ने गुरुवार को भौरा ओपी परिसर में स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक किया. SI हिंमाशु कुमार पिछले 15 दिनों से जिन्दगी और मौत से जंग लड़ रहे है उन्हें अब भी होश नहीं आया है. वहीं इधर इस कांड के अनुसंधान में एक सप्ताह बाद भी पुलिस तेजी नहीं ला सकी है. ना ही उग्र भीड़ का नेतृत्व करने वाले दर्जनों राजनीतिक नेताओं में से एक को भी पुलिस आज तक गिरफ्तार कर सकी है. किसी भी बड़े पुलिस अधिकारी को जांच का जिम्मा अब तक नहीं दिया गया है. इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पुलिस इस कांड के अनुसंधान को लेकर कितना गंभीर है. सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस की कार्रवाई में देरी क्यों ?

गुरुवार को भौरा ओपी प्रभारी हिमांशु कुमार के जल्द स्वस्थ होने की कामना के लिए भौरा की आम जनता ने भौरा ओपी परिसर स्थित शिव मंदिर में पूरे विधि विधान वा मंत्रोचारण के साथ पंडित संतोष कुमार पाठक के नेतृत्व में रुद्राभिषेक किया. रुद्राभिषेक करीब तीन घंटे तक चला. रुद्राभिषेक में बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं, बच्चे वा पुरुष सम्मिलित हुए. सभी ने अपनी अन्तरात्मा से भगवान शिव से प्रार्थना की कि हिमांशु कुमार जल्द स्वस्थ हो कर पुनः हम लोगो के बीच आए. मौके पर गुड्डू पंडित, संतोष कुमार पाठक, रवि गुप्ता, रेणू देवी, जहान खां, राधा मोहन, सीमा यादव, सुमित यादव, सुनील पासवान, आजाद सोनार, धनंजय प्रमाणिक, अमिताभ बच्चन, रणधीर सिंह आदि थे.

मालूम हो कि गत 25 अगस्त को सिंदरी के शहरपुरा में ग्रामीणों द्वारा लक्की सिंह के कार्यालय में तोड़फोड़, पुलिस पर हमला, फायरिंग, वर्दी फाड़ने, पथराव, हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस ने 60 से अधिक नामजद तथा सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ सिंदरी थाने में दो और बलियापुर थाने में एक एफआईआर दर्ज किया था. अनुसंधान के नाम पर सिंदरी के थानेदार सह इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद आरोपितों का मोबाइल नंबर ही जुटाने में अभी तक लगे हुए हैं. जबकि, पुलिस पर हमला, फायरिंग, वर्दी फाड़ने, पथराव, हिंसक प्रदर्शन मामले में चार बार सिंदरी विधायक रहे मासस के केंद्रीय अध्यक्ष आनंद महतो के पुत्र बबलू महतो, खतियानी आंदोलन से सुर्खियों में आने वाले जयराम महतो, मासस नेता जगदीश रवानी, इंटक नेता व ट्रांसपोर्टर संतोष चौधरी, कई थाने में नामजद कोयला चोर सीताराम महतो, विकास महतो, सुरंगा के दीपू महतो एवं सतीश महतो पूरे बवाल का केंद्र बिंदु रहे. लेकिन, लक्की सिंह समेत विभिन्न पार्टियों के तीन दर्जन से अधिक नेता जो इस कांड के नामजद आरोपित हैं, पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने का साहस नहीं जुटा पा रही है. किसी भी नेता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोशिश तक नहीं की है. ना ही ऐसा दबाव बनाया है जिससे डर कर किसी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है.
हद तो यह है कि आरोपित खतियानी नेता जयराम महतो ने भौंरा एवं पुटकी में बड़ी सभा को संबोधित कर ऐलान कर दिया है कि सिंदरी उनके लिए प्रतिष्ठा का विषय है. सिंदरी का मुद्दा वह नहीं छोड़ेंगे. जयराम महतो सभा कर चले गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने या पूछताछ करने की भी कोशिश नहीं की. सवाल उठ रहे हैं कि क्या धनबाद की यह वही पुलिस है जो कद्दावर मैनेजर राय और रांची के एक निजी चैनल मालिक अरूप चटर्जी को जेल भेजा? कहा जा रहा है कि तिसरा थाना क्षेत्र के सीके साइडिंग मामले में तेजी के साथ वामपंथी दलों के कद्दावर नेता बिंदा पासवान समेत अन्य को रातोंरात जेल भेजने वाले धनबाद के एसएसपी सिंदरी प्रकरण पर इतने खामोश क्यों ?
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