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11 हार्डकोक उद्योगों की उम्मीदों पर फिरा पानी , इस साल रियायती दर पर कोयला मिलने की सारी उम्मीदें समाप्त*

ByAdmin Office

Jul 23, 2022

 


धनबाद: झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट काॅरपोरेशन ने न्यू कोल डिस्ट्रीब्यूशन पाॅलिसी के तहत धनबाद जिले के 11 हार्डकोक उद्योगों को रियायती दर पर कोयला देने की सारी उम्‍मीदें समाप्‍त कर दी हैं।काॅरपोरेशन ने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय के दामाद राकेश ओझा के शिवम हार्डकोक, जगधात्री कोक सहित 11 हार्डकोक उद्योगों के आवेदन को रद कर दिया है।

गौरतलब है कि सालभर में 10 हजार टन से कम कोयला आपूर्ति क्षमता वाले उद्योगों को ही रियायती दर पर कोयला देने का प्रावधान है। इसके तहत जिलेभर में फिलहाल 31 उद्योगों को यह सुविधा मिल रही है। रियायती दर पर काेयला देने का आवेदन करने वाले उद्योगों की सालाना कोयला आपूर्ति क्षमता 10 हजार टन से अधिक है। इस कारण अब इन कंपनियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। चार सदस्यीय कमेटी ने यह निर्णय 16 जुलाई को दिया है। बीते सोमवार को इस संबंध में संचिका उपायुक्त को भेज दी गई है। कमेटी में एसडीओ प्रेम तिवारी, डीएसओ भोगेंद्र ठाकुर, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक डीके शर्मा एवं जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर शामिल हैं।

इन उद्योगों का आवेदन किया गया रद:

मां भद्रकाली कोक इंड्रस्टीज प्राइवेट लिमिटेड, कोयला आपूर्ति की क्षमता 29700 मैट्रिक टन
मां कल्याणी उद्योग, कोयला आपूर्ति की क्षमता 36630 मैट्रिक टन
लिबर्टी फ्यूल, कोयला आपूर्ति की क्षमता 27000 मैट्रिक टन
शिवम कोक, कोयला आपूर्ति की क्षमता 51600 मैट्रिक टन
जय माता दी फ्यूल, कोयला आपूर्ति की क्षमता 13012 मैट्रिक टन
अंबिका हार्डकोक, कोयला आपूर्ति की क्षमता 26100 मैट्रिक टन
कपिला इंडस्ट्रीज, कोयला आपूर्ति की क्षमता 33000 टन
काली माता साॅफ्ट कोक एमएफटी इंडस्ट्रीज, कोयला आपूर्ति की क्षमता 33750 मैट्रिक टन
जीटी हार्डकोक ट्रेडर्स, कोयला आपूर्ति की क्षमता 25146 मैट्रिक टन
जगधात्री कोक मेन्‍युफैक्चरर्स कोयला आपूर्ति की क्षमता 33600 मैट्रिक टन
मेसर्स शांति उद्योग, कोयला आपूर्ति की क्षमता 16929 मैट्रिक टन
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर ने कहा कि धनबाद के 11 उद्योगों को झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन के न्यू कोल डिस्ट्रीब्यूशन पाॅलिसी के तहत रियायती दर पर कोयला लिकेंज देने के आवेदन को रद कर दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि कोयला आपूर्ति की क्षमता अधिक मिलने के कारण कमेटी ने यह निर्णय लिया है।


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