

*सरायकेला, -* मंगलवार दोपहर करीब 3:00 बजे सरायकेला और उसके आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम ने भयानक करवट ली। तेज उमस के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते भीषण आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का शुरू हो गया। आंधी की रफ्तार इतनी जोर थी कि पल भर में ही जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

इस प्राकृतिक आपदा के दौरान नगर के कई इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ और डालियां टूट गए। हवा के तेज झोंकों के सामने कई दशक पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है।
सबसे गंभीर हादसा सरगीडीह वार्ड नंबर 4 में हुआ। यहाँ कई विशालकाय पेड़ तेज आंधी को बर्दाश्त नहीं कर पाया और उखड़कर सीधे मुख्य बिजली के खंभों के ऊपर जा गिरा। पेड़ के भारी वजन और तेज झटके के कारण कंक्रीट के खंभे बीच से ही टूट गए। खंभों को तोड़ता हुआ यह भारी-भरकम पेड़ पास में स्थित एक आवासीय घर के ऊपर जाकर गिर गया, जिससे घर की छत और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
हादसे के वक्त घर में मौजूद लोग बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ी हादसा टल गई। हालांकि, इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया और मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही सरगीडीह वार्ड नंबर 4 की वार्ड पार्षद *सुषमा तियु* ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने अविलंब स्थानीय स्तर पर श्रमिकों और कटर मशीनों की व्यवस्था कराई और स्वयं खड़े होकर पेड़ की भारी डालियों को कटवाने का कार्य शुरू करवाया।
घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से मलबे और डालियों को हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारू और चलने लायक बनाया गया। पार्षद की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय जनता और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही उन्होंने विद्युत विभाग को आपातकालीन सूचना देकर क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत करने की अपील की है।
*बिजली व्यवस्था ठप:* खंभे टूटने और तार क्षतिग्रस्त होने के कारण सरसीडीह सहित आसपास के कई मोहल्लों में कल दोपहर से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। विभाग ने जल्द बहाली का आश्वासन दिया है।
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