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सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन।

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Jul 18, 2026
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आज दिनांक 18 जुलाई, 2026 (शनिवार) को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में कक्षा 11वीं के भैया-बहनों के लिए व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

 

शिशु विकास मंदिर समिति, (झारखंड) धुर्वा, रांची के माननीय कोषाध्यक्ष श्री अशोक कुमार एवं शिक्षण व्यवस्था उपसमिति के माननीय अध्यक्ष श्री आशीष कुमार शाहदेव ने मुख्य अतिथि श्री गोपाल शर्मा, प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, झारखंड को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

 

विद्यालय के प्राचार्य श्री ललन कुमार ने अतिथियों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए कहा कि व्यक्तित्व का अर्थ केवल बाहरी परिधान नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण, विचार एवं व्यवहार से होता है। इस अवसर पर कक्षा 11 की छात्रा बहन कनक ने एकल गीत प्रस्तुत किया।

 

मुख्य अतिथि श्री गोपाल शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति के व्यवहार में उसके व्यक्तित्व का प्रतिबिंब दिखाई देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी दिनचर्या को अनुशासित बनाने, प्रतिदिन कम-से-कम एक घंटा योग, ध्यान एवं शारीरिक व्यायाम करने तथा मोबाइल के स्क्रीन टाइम को कम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व का वास्तविक सौंदर्य बाहरी परिधान से नहीं, बल्कि मन और मस्तिष्क की श्रेष्ठता से निर्धारित होता है। विद्यार्थियों को अपने समय का मूल्य समझते हुए उसका सदुपयोग करना चाहिए।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिशु विकास मंदिर समिति के माननीय अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि वे स्वयं को कभी कमजोर न समझें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन यह सकारात्मक संकल्प दोहराने का संदेश दिया—”I am the best, I can do it, God is always with me, and I am a winner.”

 

करियर काउंसलर श्री निरज कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केवल मेडिकल एवं इंजीनियरिंग ही सफलता का मार्ग नहीं हैं, बल्कि अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट करियर की अपार संभावनाएँ उपलब्ध हैं।

 

करियर काउंसलर श्री कृष्ण अग्रवाल ने सफलता की सही परिभाषा बताते हुए कहा कि केवल ऊँचे पद या करियर में सफलता प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक श्रेष्ठ एवं संस्कारित व्यक्ति के रूप में विकसित होना भी उतना ही आवश्यक है।

करियर काउंसलर डॉक्टर मनोज कुमार ने बच्चों को मरीन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में संभावनाओं के बारे में जानकारी दी |

 

समापन सत्र में विद्यार्थियों द्वारा शास्त्रीय नृत्य, गरबा नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों एवं अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

धन्यवाद ज्ञापन उच्चतर माध्यमिक खण्ड के प्रभारी श्री राकेश कुमार पांडेय ने किया।

 

इस अवसर पर शिशु विकास मंदिर समिति के माननीय उपाध्यक्ष श्री सुनील दत्त सिंह, सदस्य डॉ. धनेश्वर महतो, श्री अमरकांत झा, श्री रोशन कुमार, श्री अमित कुमार नंदन, श्री राजीव झा, श्री अनिल कुमार झा, श्री योगेश्वर दुबे विद्यालय के उपप्राचार्य तथा समस्त आचार्यगण उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के समापन सत्र में प्राचार्य ललन कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और सभी भैया -बहनों को शुभ कामनाएँ दी |


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