
अंतर्कथा प्रतिनिधि

लखीसराय -: आपदा विभाग की ओर से शनिवार 30 दिसंबर को सरकारी स्कूलों में बच्चों को आपदा के बारे में बताया गया। इसमें जब भी आपदा आएगी तो उस आपदा से कैसे बचा जाय, आपदा कितने प्रकार की होती है प्राकृतिक आपदा और मानव निर्मित।
पहाड़ो से मालवा गिरना, भारी वारिश होने से बाढ़ का अचानक आना, व्रजपात, ज्वारभाटा, ज्वालामुखी का विषफोट होना ये सब प्राकृतिक घटना है। ऐसी घटनाएँ जो मनुष्य के कारण होती हैं और मानवीय विभिन्न प्रकार की घटनाएँ होती हैं, इसमें पर्यावरणीय गिरावट इसका मतलब ये है कि पेड़-पौधे का नुकसान करना, प्रदूषण प्लास्टिक जलाना, कचरा जलाना, सड़क दुर्घटना, अत्याधिक धुआ से भी वायु प्रदुषित होता है आदि सभी घटनाएं आपदा से संबंधित है इसके अलावा और घटना शामिल हो सकते हैं। इस दौरान बच्चों को यह भी बताया गया है कि इन सभी घटनाओ से कैसे बचना और अपना रास्ता बनाना है, अगर बिजली कड़क रही हो तो छुपना कहा है अगर खेत खलिहान में है तो पेड़ के पास नहीं जाना है। यदि आप लोगों के सामने सड़क दुर्घटना हो गई है तो ऐसे घटनाओ को नज़र अंदाज़ कभी नहीं करना है, ऐसे घटनाओ पर लोगो को नकारात्मक सोच नहीं रखना है अपने अंदर, यह घटना
किसी के भी साथ हो सकती है, ऐसे में लोगों को आपदा विभाग के सुझाव पर सहमति देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
आपदा विभाग द्वारा सुरक्षित शनिवार को ऐसी शिक्षा हर स्कूल में विद्यार्थियों को देने का काम करता है और बच्चों को आपदा से बचने के उपाय भी बताया जाता है । लेकिन इन लोगों की मांग है कि हम लोगों को नियमित ड्यूटी मिले या कहीं क्लास मिले ताकि हम और भी लोगों को जागरूक कर सकें।

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