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सरकारी शिक्षकों से जनगणना इत्यादि कार्य में लगना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़-डॉ मेहता

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ByAdmin Office

Jan 7, 2024

 

हजारीबाग-आज झारखंड के सरकारी स्कूलों में उच्चतम शिक्षा प्राप्त शिक्षक कार्यरत है जिसकी सैलरी 60 से ₹80000 प्रति माह है वही प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों की औसतन मंडे 3000 से लेकर ₹15000 रुपया प्रतिमा है और यही सरकारी विद्यालय के शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ढाते हैं क्योंकि सरकार की गलत नीतियों के कारण सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को खिचड़ी से लेकर पशु और मानव जनगणना इत्यादि कार्यों में लगाये जाते है जिसके करण सरकारी स्कूल में बच्चों का पठन-पाठन 10 से 20% भी नहीं हो पाता है वहीं पर प्राइवेट स्कूल के शिक्षक मन लगाकर के पढ़ते हैं और रिजल्ट भी अच्छा देते हैं यही वजह है की गरीब अभिभाव भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ना पसंद करते हैं वही सरकारी स्कूल में निशुल्क शिक्षा के बावजूद बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है। यह बाते मुख्य अतिथि कांग्रेस पार्टी के प्रमंडलीय नेता डॉ आरसी मेहता ने इचाक के एस एन पब्लिक स्कूल के वार्षिक उत्सव समारोह में मैं कहा डॉ मेहता ने कहा कि बच्चे पढ़ लिखकर नौकरी देने वाला जौब क्रिएटर बने जौब खोजने वाला जॉब सीकर न बने। आज ऐसी स्थिति तमाम देश के सरकारी अस्पतालों की है सरकार को चाहिए की सरकारी स्कूल के डॉक्टर को निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगा दे तभी सरकारी अस्पतालों की स्थिति सुधर सकता है आज देश में 8 घंटा सरकारी नौकरी करने के बाद कानून सरकारी डॉक्टर को प्राइवेट प्रेक्टिस करने की छूट है आज सरकारी अस्पतालों में लाचारी में लोग इलाज करते हैं थोड़ा सा क्षमता होने पर लोग प्राइवेट स्कूल अस्पताल को प्राथमिकता देते हैं। डॉ मेहता ने सरकार से मांग किया सरकार स्वस्थ मंदिर (हॉस्पिटल)और शिक्षा मंदिर (स्कूल) को को जनकल्याण हेतु जन्म उपयोगी विधायक पास कर मुकम्मल करें। स्कूल वार्षिक महोत्सव में मुख्य रूप से स्कूल के संस्थापक श्री नागेश्वर महतो समाजसेवी अभिषेक कपद्दार राजकुमार मेहता संजय यादव वीरेंद्र सिंह गिरधारी महतो चंद्रदेव महतो ब्रजकिशोर मेहता अविनाश कुमार मुकेश कुमार सुदीप धवन कुलदीप राम प्रकाश राम सेम टी सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे


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