

अंतर्कथा प्रतिनिधि


पुटकी। करकेंद पारबाद पुल के समीप स्थित बजरंगबली मंदिर के 25वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन गुरुवार को बृजेश जी महाराज ने कहा यह संसार भगवान राम और कृष्ण को नहीं छोड़ता यह संसार साधु महात्मा को भी नहीं छोड़ता यह संसार ऐसा ही विचित्र है। महाराज जी ने कहा कि हम सनातनियों को अपने धर्म पर एक सहमत होकर रहना चाहिए जिससे कोई और हमारे धर्म पर उंगली ना उठा सके। हमें जीवन भगवान को आगे रखकर चलना चाहिए जिससे हम अपने अवगुणों पर विजय हासिल कर सके। केवल सत्संग के माध्यम से ही हमें भी मोक्ष प्राप्त हो सकता है। भगवान श्री कृष्ण की फूलों की होली का दिव्य दर्शन एवं बनारस काशी से आए ब्राह्मणों द्वारा हनुमान आरती का भव्य आयोजन किया। रात्री 8 बजे से प्रारम्भ हुआ। जिसमें सेकडों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण करने वालो की आपाधापी लगी रही।आयोजन को सफल बनाने में पंडित उदय तिवारी, राजकुमार पांडे एवं कमलेश तिवारी के अलावे मुख्य जजमान बबलू सिंह,अनिल सिंह,भोला शर्मा,सुभाष पासवान,राजेश भारती, भगत सिंह, नरेश भारती सहित पूजा समिति सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
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