
अंतर्कथा : बरही/पंचम पाण्डेय
देवचन्दा मोड़ स्थित श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर भाषण एवं पोस्टर मेकिंग के माध्यम से एड्स के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एड्स से पीड़ित लोगों के प्रति समाज में अपमान, प्रताड़ना, भेदभाव को समाप्त कर सौहाद्रता की भावना पैदा करना है। विद्यालय प्राचार्य रोहित सिंह ने कहा कि विश्व एड्स दिवस 1988 के बाद से एक दिसंबर को हर साल मनाया जाता है जिसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के प्रसार की वजह से एड्स महामारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि रेड रिबन एचआईवी पॉजिटिव लोगों के साथ एकजुटता और एड्स के साथ जी रहे लोगों के लिए वैश्विक प्रतीक है। वर्तमान युग में इस तरह की जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक है ताकि कोई भी रोग होने से पहले उसका बचाव किया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यह बीमारी किस प्रकार बढ़ रही है और कैसे इससे सुरक्षित रहा जाए पर विचार व्यक्त जरूर करते रहना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार की एक्टिविटी का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान में बढ़ोतरी करना है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चे में विद्या कुमारी, एमडी अली हसन, नाजिया नूरी, शिक्षा सुमन, तमन्ना आफरीन, वर्षा राणा, प्रसून सिन्हा , अनूज जायसवाल, अजमती नाज, राधा कुमारी , नासरीन प्रवीण, लकी मेहता, पीयूष कुमार, कृष कुमार आदि है ।

There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
