
*विश्व बालश्रम निषेध दिवस प्रत्येक वर्ष 12 जून को मनाया जाता है।*

*इस दिन की शुरूआत 2002 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ ने की थी
।**

2022 थीम: बाल श्रम को समाप्त करने के लिए सार्वभौमिक सामाजिक संरक्षण” ( ”Universal Social Protection to End Child ʟᴀʙᴏᴜʀ )*
*भारत के संविधान, 1950 का अनुच्छेद 24 स्पष्ट करता है कि 14 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे को ऐसे कार्य या कारखाने इत्यादि में न रखा जाये जो खतरनाक हो। कारखाना अधिनियम, बाल अधिनियम, बाल श्रम निरोधक अधिनियम आदि भी बच्चों के अधिकार को सुरक्षा देते हैं।*
*भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 खतरनाक उद्योगों में बच्चों के रोजगार पर प्रतिबंध लगाता है।*
*भारत की केंद्र सरकार ने 1986 में बालश्रम निषेध और नियमन अधिनियम पारित कर दिया।*
*भारतवर्ष में प्रारंभ से ही बच्चों को ईश्वर का रूप माना जाता है। ईश्वर के बाल रूप यथा ‘बाल गणेश’, ‘बाल गोपाल’, ‘बाल कृष्णा’, ‘बाल हनुमान’ आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।*
*इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य लोगों को 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम न कराकर उन्हें शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक करना है।**
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