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विद्यालय शिक्षा समितियों एवं पंचायती राज की स्थाई शिक्षा समितियों को सशक्त किया जाये।

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Feb 27, 2024

 

अंतर्कथा प्रतिनिधि

जमुई झाझा-: डीईओ जमुई के ज्ञापांक 1535 के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी जमुूई के द्वारा सूचना निर्गत की गई जिनमे जिलेभर के विद्यालयों में बेंच-डेस्क की आपूर्ति प्राइवेट एजेंसियों के द्वारा कराई जायेगी। जिसका भुगतान शिक्षा विभाग जीओबी शीर्ष में खुले विद्यालय शिक्षा समितियों के खाताओं से किया जायेगा। इस संदर्भ में जिप सदस्य सह शिक्षा समिति के अध्यक्ष धर्मदेव यादव ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून के लागू होने के 15 वर्षो के बाद की सच्चाई है कि आज भी प्रायः स्कूलों वर्ग कक्ष की संख्या कम ही है। एक ही कमरे में कई कक्षाओं के बच्चों को बैठना पड़ता है। कई विद्यालयों का आज तक अपना भवन नही है। शायद ही किसी स्कूल के पास अपना खेल भवन हो या अन्य सुविधा हो। उन्होनें राज्य सरकार के दावों पर कहा कि शिक्षा के ऊपर बजट का 20-25 प्रतिशत राशि खर्च की जा रही है। विद्यालयों के सर्व से पता चलता है कि कुछ एक विद्यालयों को छोड़कर प्रयाः विद्यालयों में विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक होती ही नही है। पदाधिकारियों की मंशा बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने से ज्यादा शिक्षा के नाम पर सरकारी राशि का बंदरबांट करने की रहती है। उन्होनें मांग किया कि विद्यालयों के प्रबंधन नियत्रंण एवं पर्यवेक्षक के लिये बनी विद्यालय शिक्षा समितियों एवं पंचायती राज की स्थाई शिक्षा समितियों को सशक्त किया जाये।


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