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लखीसराय जिले को बाल विवाह से मुक्त बनाने हेतु जागरूकता रथ पहुंच सूर्यगढ़ा प्रखंड के सुदूर क्षेत्रों में।

ByAdmin Office

Mar 5, 2024

 

 

अंतर्कथा प्रतिनिधि

 

लखीसराय (सुजीत कुमार)-: लखीसराय जिले के अलग अलग प्रखंडों में विकासार्थ ट्रस्ट ने कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की पहल बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आगामी पांच दिनों तक कई गतिविधियों की गई। इसी कड़ी में 3 मार्च 20 24 को प्रातः स्थानीय लोगों की एक कला जत्था चानन और सूर्यगढ़ा प्रखंड के आदिवासी बहुल गांव में गीतों के माध्यम से बाल विवाह को खत्म करने हेतु जागरूकता बढ़ा रही हैं इसके साथ-साथ विकासार्थ की सचिव सुनीता सिंह, क्षेत्रीय समन्वयक संजय कुमार तथा समुदायिक कार्यकर्ता शीला कुमारी, अर्चना कुमारी, श्वेता कुमारी, सुनील कुमार, श्रीनिवास सिंह व रंजीत कुमार शामिल थे। कला जत्था का नेतृत्व श्रीमती अनीता कुमारी इन दिनों में करती आ रही है और उनके सहयोगी उनके साथ दें रहे है। यह पल बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है जो पूरे देश में बाल विवाह के खिलाफ एक मुख लेकिन ताकतवर क्रांति की चिंगारी के रूप में शुरू हुई, पर आज दावानल की तरह फैल रही है “बाल विवाह मुक्त भारत” देश भर के तमाम गैर सरकारी संगठनों जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस की एक साझा पहल है। स्थानीय लोगों की अगुवाई में और सभी संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से इस अनूठे जमीनी अभियान का लक्ष्य 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना है। गैर सरकारी संगठन विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता देवी के अनुसार आदिवासी इलाकों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर किशोर और बाल विवाह की शिकार महिलाएं आगे बढ़कर इस पहल में शामिल होकर सिर्फ बातों से ही नहीं बल्कि संगीत के जरिए अपने प्रतिरोध को स्वर दे रहे हैं। इन्होंने इस बारे में बताया कि हम संस्कृतिक विविधताओं से भरे देश में रहते है जहां सब की भाषा बोली रीति रिवाज सांस्कृतिक परिवेश और सोचने के तरीके अलग हैं इसलिए हम सभी संगीत के जरिए अपने गानों में देश को बाल विवाह से मुक्त करने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन हम सभी इसे अपनी विशिष्ट शैली में इसे कर रहे हैं। संगीत सबको जोड़ता है और संगीत के जरिए लोगों तक पहुंचा संदेश सबसे सबसे प्रभावित होता है। हम लोगों को बाल विवाह के कानूनी और नैतिक दुष्परिणामों के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैला रहे हैं और अपनी बात लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंचने की सबसे प्रभावी माध्यम के रूप में संगीत का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्होंने जन-जन को इस अभियान से जुड़ने का निवेदन किया ताकि बच्चों का बचपन उनसे नहीं छीन और उन्हें एक सुनहरा भविष्य प्रदान करें। इसी कड़ी में लखीसराय जिले के उरैन पंचायत में सत्यार्थी संग विकासार्थ ट्रस्ट के द्वारा बाल विवाह को रोकने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन सूर्यगढा प्रखण्ड के उरैन दुर्गा स्थान के प्रांगण मे किया गया। इस आयोजन के द्वारा समाज को संदेश दिया गया कि अपने बच्चो का विवाह लडको की 21 और लड़की की शादी 18 वर्ष तक होनी चाहिए। अगर कोई इसे नही मान अपने बच्चो का विवाह कम उम्र में करेंगे तो भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी को एक एक लाख रुपया जुर्माना और 2 साल जेल भोगना पड़ेगा। कम उम्र में विवाह हो जाने पर इन बच्चो को प्रसव की परेशानी झेलनी पड़ेगी। ऐसे में जब समाज मेरा एकत्रित होगा और एकत्रित होकर मंथन करेंगे तब इसका निराकरण होगा क्योंकि यह एक सामाजिक कुरीति है और इस कुरीति को समाप्त करने का संकल्प लेना जरूरी है। प्राचीन काल से चली आ रही प्रथा बाल विवाह नही होनी चाहिए हालांकि अभी भी कही कही यह चल रही है इसे रोकना होगा। इस कार्यक्रम के दौरान 30 गांव में चयन उरैन में विकासार्थ ट्रस्ट के क्षेत्र समन्वयक संजय कुमार,सीएसडब्ल्यू अर्चना कुमारी,स्वेता कुमारी,श्री निवास सिंह,शीला कुमारी,पिंकी कुमारी,सुनील कुमार,रणजीत कुमार पंचायत मुखिया सुधा देवी,श्री निवास सिंह,मोती प्रसाद वर्मा,मुखिया प्रतिनिधि ब्रह्मदेव नोनिया,सूरज यादव,दामोदर यादव,मोनाजिर आलम,पर्यवेक्षक जितेंद्र कुमार,सरपंच सोनी देवी,जीविका एचएनएसआरपी वंदना कुमारी संग सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष शामिल हुए।


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