
लखनऊ : आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह के निर्देश पर रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में बिजली कटौती के खिलाफ लालटेन जुलूस निकाला गया. लखनऊ जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष शेखर दीक्षित कार्यकर्ताओं के साथ परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक लालटेन जुलूस निकालने के लिए इकट्ठे हुए. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को परिवर्तन चौक से आगे बढ़ने नहीं दिया. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई.
कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती को लेकर योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इसके बाद बड़ी संख्या में तैनात पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और ईको गार्डन ले गए.

शेखर दीक्षित ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि 21वी सदी में लोगों को बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो रही है. बिजली आपूर्ति न होने की वजह से गर्मी के कारण लोगों की मौत हुई हैं, ये मौत नहीं हत्याएं हैं. लोगों की मौतों पर भाजपा के मंत्री संवेदनहीन बयान दे रहे हैं, यह दुःखद है.

दिल्ली की केजरीवाल सरकार बिना कटौती 24 घंटे बिजली दिल्ली की जनता को उपलब्ध करा रही है. उत्तर प्रदेश की जनता योगी सरकार से जानना चाहती है कि जब दिल्ली की जनता को मुफ्त और बिना कटौती 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो सकती है तो उत्तर प्रदेश की जनता को देश में सबसे महंगी और बिना कटौती 24 घंटे बिजली क्यों नहीं उपलब्ध हो पा रही है? भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश की जनता को मुफ्त और 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था आखिर यह वादा जुमला क्यों हो गया? जनता जानना चाहती है.
शेखर दीक्षित ने कहा कि वर्तमान में यूपी को 27 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत है. इसके एवज में मात्र चार हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. 23 हजार मेगावाट बिजली बाहर से खरीदी जा रही है. इसके बावजूद 10-12 घंटे की बिजली कटौती हो रही है. अघोषित बिजली कटौती से लोग बेहद परेशान है. बिजली विभाग में वर्तमान में एक लाख कर्मचारियों की जरूरत है. इनके स्थान पर मात्र 34 हजार कर्मचारी बिजली विभाग में कार्यरत हैं. 66 हजार बिजली कर्मचारियों की कमी है. जिसकी वजह से विभाग ठीक से काम नहीं कर पा रहा है.
ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, जगह जगह तार टूट रहे हैं. कर्मचारियों के अभाव में यह काम नहीं हो पा रहे हैं. नतीजतन और लोग गर्मी में रहने को मजबूर हैं.
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