
*धनबाद :* डीसी (धनबाद-चंद्रपुरा) लाइन को भूमिगत आग से खतरा संबंधी खान सुरक्षा महानिदेशक के बयान के पहले झरिया मास्टर प्लान की संशोधित ड्राफ्ट रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र है.
ड्राफ्ट रिपोर्ट में यहां तक उल्लेख किया गया है कि भूमिगत आग प्रभावित क्षेत्र में जो भी आधारभूत संरचनाएं हैं, उसे शिफ्ट करने की जिम्मेदारी उस विभाग की होगी, जिनकी आधारभूत संरचना है.
यानी डीसी रेल लाइन को शिफ्ट करने के लिए रेलवे को खर्च करना होगा. इसी तरह एनएच-32, सहित राज्य सरकार की जो भी आधारभूत संरचनाएं हैं, उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेनी होगी.
डीसी लाइन पर खान सुरक्षा महानिदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार निदेशालय ने डीसी लाइन को कभी सुरक्षित नहीं बताया है. दोबारा डीसी लाइन को खोलने संबंधी निर्णय रेलवे का है. झरिया मास्टर प्लान की पहली रिपोर्ट में डीसी लाइन पर जो बात कही गई है, उसी स्टैंड पर डीजीएमएस आज भी कायम है. संशोधित मास्टर प्लान में दिल्ली में रेल मंत्रालय के साथ साथ संबंधित अन्य महकमों के साथ बैठक में भी इसपर विचार किया गया है. आग प्रभावित क्षेत्र में मौजूद आधारभूत संरचनाओं की शिफ्टिंग को लेकर रेलवे, राज्य सरकार, एनएचआई आदि भी सहमत हैं.

*डीसी लाइन पर राइट्स एजेंसी कर रही काम*

डीसी लाइन मामले में राइट्स नामक एजेंसी पहले से काम कर रही है. झरिया मास्टर प्लान की बैठकों में अभी राइट्स के प्रतिनिधि लगातार शामिल होते रहे हैं. राइट्स ही डीसी लाइन की शिफटिंग का ब्लू प्रिंट तैयार कर रही है. मामले में पहले ही एक रिपोर्ट राइट्स की ओर से सौंपी गई है, जिसमें डीसी लाइन की शिफ्टिंग को लेकर कुछ विकल्प सुझाए गए हैं. यह अलग बात है कि सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए शिफ्टिंग की अवधि आगे-पीछे हो सकती ।
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