
*राज्य खाद्य आयोग की अध्यक्ष ने कहा.समाज की नींव है मुखिया.खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अक्षरशः पालन करें मुखिया।*

धनबाद ।मुखिया समाज की नींव है। नींव मजबूत होगी तो समाज मजबूत होगा। मुखिया को सभी सरकारी योजना की जानकारी होनी चाहिए तभी वे जागरूक होंगे और पंचायत के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजना पहुंच सकेगी।

उक्त बातें राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने आज न्यू टाउन हॉल में सभी पंचायतों के मुखिया को संबोधित करते हुए कहीं..
उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी एवं आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए सभी मुखिया अपने कर्तव्य का निर्वहन करें एवं ग्रामीणों की शिकायतों को दूर करें। मुखिया की जिम्मेवारी है कि हर सरकारी योजना अक्षरशः पंचायत में लागू हो। यदि किसी योजना में किसी प्रकार की अनियमितता मिलती है तो जिला को शिकायत करें। शिकायत का निवारण नहीं होने पर आयोग को शिकायत भेजें। शिकायत प्रमाणित होनी चाहिए। शिकायतों पर आयोग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा के तहत गरीब जरूरतमंदों के लिए योजना चलती है। इसीलिए गरीबों को योजना का लाभ पहुंचाकर पुण्य कमाएं। मानव सेवा और धर्म समझकर योजना को लागू करें।
पंचायत के मुखिया निगरानी समिति के अध्यक्ष होते हैं। पंचायत में निगरानी रखे। निगरानी समिति की नियमित बैठक करें। किसी गड़बड़ी की जानकारी प्राप्त होने पर मुख्यालय एवं राज्य आयोग को भेजें।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय के बाहर सूचना पट्ट पर मिड डे मील का मेनू लिखवाए। शिक्षकों को मजबूर करें कि मेनू के अनुसार ही बच्चों को भोजन उपलब्ध कराएं। पंचायत के बच्चे को पौष्टिक आहार मिलेगा तो वर्तमान और आने वाली पीढ़ी पुष्ट बनेगी।
अध्यक्ष ने राशन कार्ड की शिकायतों पर कहा कि सभी मुखिया अपने पंचायत के कार्ड धारियों की जांच करें। समृद्ध एवं संपन्न व्यक्ति का राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए उन्हें प्रेरित करें।
वहीं पीडीएस डीलर द्वारा कम अनाज देने पर कहा कि पीडीएस डीलर की दबंगता को रोकना है। बायोमेट्रिक से ठप्पा लगाकर पीडीएस डीलर से रसीद प्राप्त करने के बाद ही अनाज प्राप्त करें। राज्य खाद्य आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रहे। लोगों को भी अपने अधिकार से कम पर समझौता नहीं करना चाहिए। यदि किसी के पास राशन कार्ड नहीं है तो सरकारी प्रावधान के अनुसार बाजार से अनाज खरीदकर उसे उपलब्ध कराएं।
इस अवसर पर राज्य खाद्य आयोग की सदस्या शबनम प्रवीण ने कहा कि पंचायत की सरकार चुनने के बाद सभी मुखिया लोगों का विश्वास कायम रखे। सरकार का उद्देश्य है कि गांव में कोई भी व्यक्ति अनाज के अभाव में नहीं रहे। प्रत्येक व्यक्ति को अनाज की पूर्ति करना मुखिया का कर्तव्य है। सभी मुखिया खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अक्षरशः पालन करें।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता श्री नंदकिशोर गुप्ता ने पीएच, अंत्योदय, डाकिया योजना, मध्याह्न भोजन सहित अन्य विषयों पर प्रकाश डाला। जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार ने स्वास्थ्य व कुपोषण, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रकाश डाला। वहीं जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी सुनील दुबे ने विभिन्न योजना के तहत एवं विभिन्न राशन कार्ड के तहत मिलने वाले राशन, मुख्यमंत्री दल भात योजना, झारखंड राज्य खाद्यान्न आकस्मिक कोष, जिला शिक्षा अधीक्षक भूतनाथ रजवार ने मध्याह्न भोजन इत्यादि पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन से पूर्व विभिन्न पंचायतों के मुखिया ने राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व सदस्या को समस्याओं से अवगत कराया।
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