
लखनऊ: बीबीडी छात्रा निष्ठा त्रिपाठी हत्याकांड में पुलिस को सफलता मिली है. पुलिस ने हत्या में शामिल दूसरे आरोपी आदित्य शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है. आदित्य शुक्ला ही घटना के बाद मुख्य आरोपी आदित्य पाठक उर्फ पंडित के कहने पर पिस्टल लेकर भाग निकला था.
इस मामले में एक आरोपी अखंड प्रताप सिंह की तलाश में पुलिस ने कई जगह छापेमारी की है. अखंड और आसिफ ने ही पिस्टल चिनहट में 11 फरवरी को अनिमेष पर हमला करने के बाद आदित्य पाठक को रखने के लिये दी थी.

एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया कि देवरिया निवासी आदित्य शुक्ला बीबीडी से बीटेक कंप्यूटर साइंस का थर्ड ईयर का छात्र है और मुख्य आरोपी का करीबी दोस्त है जब आदित्य पाठक व मोनू खून से लथपथ निष्ठा को अस्पताल ले गए थे तो दूसरी तरफ आदित्य शुक्ला पिस्टल को ठिकाने लगाने गया था. आदित्य शुक्ला की तलाश में तीन टीमें लगाई गई थीं.आदित्य की तलाश में पुलिस ने लखनऊ से देवरिया तक कई जगह दबिश दी थी. शनिवार को वह हाथ लग गया. उससे चिनहट कोतवाली में एसीपी विभूतिखंड अनिद्य विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर आलोक राव ने देर तक पूछताछ की. वह यही कहता रहा कि उसका घटना में कोई हाथ नहीं है, जब गोली चली तो वह मोनू के कमरे में था.

आदित्य पाठक और निष्ठा ही उस कमरे में थे जहां यह घटना हुई.
आदित्य शुक्ला ने पुलिस को बताया कि आदित्य पाठक और हरदोई निवासी व बीबीडी की बीकॉम आनर्स की छात्रा निष्ठा में पांच-छह दिन पहले ही दोस्ती हुई थी. दोनों अक्सर एक दूसरे को चैट करते रहते थे. उसका कहना है कि उसे व मोनू को निष्ठा के आने का नहीं पता था. आदित्य पाठक ने भी फोन कर उसके पहुंचने की बात कही थी. आदित्य शुक्ला से जब पुलिस ने यह पूछा कि आदित्य पाठक ने निष्ठा की हत्या क्यों की? इस पर वह बोला कि हत्या हुई या गोली चली, इस बारे में वह नहीं जानता. गोली चलने की आवाज पर ही वह कमरे में पहुंचा था तो निष्ठा खून से लथपथ मिली.
आदित्य पाठक ने तब कहा था कि पिस्टल से अचानक गोली चल गई है. उसने ही कहा कि पिस्टल लेकर यहां से जाओ. वह निष्ठा को लेकर अस्पताल जा रहे हैं.
आत्महत्या का बहाना बनाना चाहता था आरोपी
आदित्य शुक्ला ने यह भी कहा कि आदित्य पाठक ने मोनू और अभिषेक नायक को अस्पताल साथ चलने को कहा था. उसने यह सोचा था कि अस्पताल ले जाकर वह पुलिस से यह कहेगा कि निष्ठा ने खुद को गोली मार ली है. पुलिस के मुताबिक रिटायर दरोगा हिमांशु श्रीवास्तव के इस मकान में आदित्य शुक्ला घटना से 20 दिन पहले किराये पर रहने आया था. आदित्य शुक्ला के बाद मोनू और बलिया निवासी आदित्य पाठक रहने लगे थे.
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