• Fri. Apr 17th, 2026

मेहनत और मेधा का संगम: देउरी के राजीव मंडल ने असिस्टेंट प्रोफेसर बन रचा इतिहास

admin's avatar

Byadmin

Apr 17, 2026
crescent ad

 

 

 

दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव देउरी के लिए आज का दिन अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय बन गया है। गांव के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मेधावी छात्र राजीव मंडल ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और शैक्षणिक प्रतिभा के बल पर यूजीसी नेट (UGC NET) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट प्रोफेसर का पद हासिल किया है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल उनके माता-पिता और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे दरभंगा जिले और ग्रामीण अंचल के युवाओं के बीच गौरव का संचार किया है। राजीव मंडल का चयन हैदराबाद स्थित देश के अत्यंत प्रतिष्ठित संस्थान सी.आर. राव एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिक्स, स्टैटिस्टिक्स एंड कंप्यूटर साइंस (AIMSCS) में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हुआ है। उल्लेखनीय है कि यह संस्थान हैदराबाद विश्वविद्यालय के परिसर गाचीबौली में स्थित है, जो अपनी उच्च स्तरीय शोध और शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।

 

राजीव के पिता जगदेव मंडल और माता मंजू देवी एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उन्होंने अपने पुत्र की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं रहने दी। देउरी गांव और तुमौल पोस्ट के इस मिट्टी के लाल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। एक छोटे से गांव से निकलकर देश के एक प्रमुख संस्थान में प्रोफेसर की कुर्सी तक पहुंचना उनकी शैक्षणिक यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि है। राजीव की इस सफलता की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव देउरी पहुँची, वहाँ खुशी का माहौल व्याप्त हो गया और लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाई देने लगे।

राजीव की इस असाधारण उपलब्धि पर अखिल भारतीय धनुवंशी सेवा संघ ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजदेव रमन, उपाध्यक्ष शिव जी मंडल, महासचिव विष्णु देव मंडल और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालाकांत मंडल समेत संस्था के सभी सदस्यों ने इस गौरवमयी उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई दी है। संघ के नेताओं का मानना है

कि राजीव की यह जीत समाज के उन हजारों युवाओं के लिए एक मशाल का काम करेगी जो कठिन परिस्थितियों में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं।

उनकी सफलता संदेश देती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और परिश्रम की आवश्यकता होती है। आज पूरा समाज राजीव मंडल की इस सफलता पर गौरवान्वित है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहा है

, ताकि वे आने वाले समय में राष्ट्र निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकें। यह सफलता केवल एक पद की प्राप्ति नहीं है, बल्कि उस संघर्ष की जीत है जो एक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात करता है।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *