
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच सोमवार को कहा कि भारत एक ‘पदानुक्रमित’ विश्व व्यवस्था में विश्वास नहीं करता है, जहां कुछ देशों को दूसरों से श्रेष्ठ माना जाता है. उन्होंने कहा कि अन्य देशों के साथ भारत के संबंध सार्वभौम समानता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं.
आगामी ‘एयरो इंडिया’ प्रदर्शनी के सिलसिले में राजदूतों के गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध मानवीय समानता और गरिमा के मूल तत्व द्वारा निर्देशित हैं. उन्होंने कहा कि भारत ग्राहक या उपग्रह (आश्रित) राष्ट्र बनने या बनाने में विश्वास नहीं रखता. रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ की दिशा में भारत के राष्ट्रीय प्रयास सिर्फ अपने देश के लिए नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न सैन्य उपकरणों के उत्पादन के लिए भारत के साथ साझेदारी की खुली पेशकश भी की.

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