
रिपोर्ट:- उमेश चौबे
बलियापुर : सिंदरी स्थित हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) में झारखंड सरकार की नियोजन नीति के अनुसार 75 प्रतिशत स्थानीय को नियोजन देने, हर्ल से प्रभावित गांवों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा समेत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, सीएसआर मद से प्रभावित पंचायतों में विकास कार्य करने जैसी 8 सूत्री मांगों पर छाताटांड़ पंचायत की मुखिया डोली हांसदा व बिरसिंहपुर पंचायत के मुखिया रांगा किस्कू के नेतृत्व में सोमवार 12 दिसंबर को हर्ल मुख्य द्वार के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया.
मुखिया डोली हांसदा, रांगा किस्कू व दीपक महतो ने बताया कि उक्त मांगों पर इससे पूर्व 17 अगस्त को भी हर्ल प्रबंधन को ज्ञापन दिया गया था, जिस पर अब तक टालमटोल के अलावा सकारात्मक पहल नहीं किया गया है. हर्ल से निकलने वाला प्रदूषण को आसपास के लोग झेल रहे हैं, और बाहरी लोगों को लाकर काम कराया जा रहा है. देश हित में हजारों एकड़ जमीन देने वाले स्थानीय ही हर्ल में रोजगार से वंचित है. मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा. जरूरी परी तो आमरण अनशन तक करेंगे.

आंदोलन में सुनीता देवी, अंजली देवी, बबलू महतो, सरोज कुमार, बलराम महतो, दीपक महतो, गौतम विद, पिंटू मंडल, हेमलाल किस्कू, सुनील मुर्म, अजय सोरेन, मनोज कुमार महतो, अर्जुन महतो, डब्लू मलिक, प्रशांत कुमार दे, राहुल हलदर, टिंकू सोरेन समेत सैकड़ों की संख्या में छाताटांड़ व बिरसिंहपुर पंचायत के महिला व पुरुष शामिल थे.

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