
अंतर्कथा प्रतिनिधि
लखीसराय -: लखीसराय जिले के चानन प्रखंड में इन दिनों मनरेगा का कार्य दुधारू गाय की भांति हो गई है। बीते समय में मनरेगा में होने वाले काम में कौन सा काम कवीले तारीफ है और कौन सा काम हवा हवाई है लोगो को समझ नहीं आ रहा अथवा कामों को घीसे पीटे तरीके से करते करवाते फंडिंग को निकाल लेने का काम किया गया है यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। इसका मुख्य कारण चानन प्रखंड में मुखिया,पंचायत समिति को मानते है जो चुने जाने के बाद पंचायत में किसी भी प्रकार के काम को या तो खुद मुखिया करवाते हैं या पंचायत समिति और और इनमें यह लोग अगर नहीं सुनते हैं तो वार्ड मेंबरों की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इटौन पंचायत में होने वाले मनरेगा के कामों को आरटीआई के तहत जानने की सोच कुछ लोगों की चल रही है इनमें जानकारी क्या ली जाएगी कहना मुश्किल है। एक तरफ मनरेगा का काम कम समय में करते हुए सारे लोग अपना काम कर निकल जाते हैं तो काम हो जाने के उपरांत लोगों के मुखवानी से यह आवाज निकलती है कि मनरेगा के अधिकारी अथवा उनके रोजगार सेवक या फिर जिले के अधिकारी कैसी जांच करते हैं यह किसी को पता भी नहीं चल पाता है। हालांकि यह सही है कि अधिकारी के आते ही रोजगार सेवक और मनरेगा के अधिकारी पंचायत में कामों को लेकर दिन भर नजर आएंगे लेकिन चलने वाले कामों में कितनी सत्यता झलकती है उसकी जांच करने कभी नहीं पहुंचते हैं और बैठे बिठाये फाइलों में ही ओके लिखने के बाद काम फायलो में बंद हो जाते है। पिछले कई महीनो में बहुत सारा काम ऐसा किया गया जिनकी भनक भी किसी को नहीं लगी और काम फाइनल होने के बाद जनता मुंह ताकती रह गई कि आखिर यह कैसा विकास हुआ है इसका अंदाजा भी नहीं लग पाता है और परिस्थिति फिर से वही ढाक के तीन पात वाली हो जाती है।

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