
*धनबाद :* लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 120वीं जयंती वर्ष पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि सम्मेलन का सफल भव्य आयोजन न्यू टाउन हॉल धनबाद में किया गया।जिसकी अध्यक्षता भावी मेयर प्रत्याशी सह पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय झा एवं संचालन स्वागत समिति संयोजक उदय कुमार सिंह के द्वारा किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ लोकनायक जयप्रकाश नारायण के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं केंद्रीय संयोजक पूर्वी सिंहभूम विधायक सरयू राय, विजय झा,डॉ शिवानी झा सहित अन्य के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।

कार्यक्रम को प्रमुख रूप से केंद्रीय संयोजक सरयू राय,कार्यक्रम अध्यक्ष विजय झा,के बी सहाय,गुलाब महतो,परवेज आलम,शंकर चौहान,शशि तिवारी,सुशील सिंह,गौतम मंडल, सुनीति कुमारी,सुनील यादव सहित अन्य ने संबोधित किया।
सरयू राय ने जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार सीमित दायरे में हो तो कोई हानि नहीं हैं।

लेकिन,अगर भ्रष्टाचार की सीमा चरम पर हो तो वह समाज व जनता के लिए नुकसानदायक होता हैं।कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन एक प्रयास हैं और इसकी चर्चा हर जगह होनी चाहिए।जिससे लोगों में परिवर्तन आएं।कारण बिना स्वयं के परिवर्तन के समाज में परिवर्तन लाना असंभव हैं।इसके अतिरिक्त सरयू राय ने आगामी नगर निगम चुनाव एवं लोकसभा विधानसभा चुनाव को लेकर भी लोगों से एक अपील की कि एक सशक्त और स्वच्छ छवि के जनप्रतिनिधि को चुनकर भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सकता हैं।
जनप्रतिनिधि व्यवस्था में परिवर्तन ला सकते हैं और वे समाज में एक आदर्श बनते हैं।ऐसे में सही जनप्रतिनिधि का चुनाव बेहद जरूरी हैं।
विजय झा ने कहा कि लोगों को भ्रष्टाचार मिटाने में अपना अहम योगदान एक शपथ के साथ देना चाहिए।लोगों को यह शपथ लेना चाहिए कि नियमों का पालन करते हुए न रिश्वत लेंगे और ना ही रिश्वत देंगे। साथ ही अगर भ्रष्टाचार की घटना का अगर खुलासा होता हैं तो संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देंगे।हर कदम पर भ्रष्टाचार का विरोध अपने जीवन में शपथ के साथ करेंगे।तभी जाकर समाज से भ्रष्टाचार पूर्ण रूप से समाप्त होगा।
गौतम मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि सरयू राय के द्वारा रांची से भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि सम्मेलन का शुभारंभ एक आगाज हैं।जो प्रशंसा के योग्य हैं और उनके साथ इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर विजय झा साथ दे रहे हैं।उन्होंने विजय झा के बारे में कहा कि वे एक ऐसे व्यक्ति हैं,जो अपनी ईमानदारी के प्रति सदैव अडिग रहते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कई परिस्थिति आई,जब उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया।लेकिन बावजूद उन परिस्थितियों के वे घबराए नहीं और डटकर सत्य की राह पर खड़े रहें।उन्होंने विरोधियों को करारा जवाब दिया।ऐसे में कहा जा सकता हैं कि यह सम्मेलन पूरे धनबाद में ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड प्रदेश में अपनी एक अलग इतिहास रचेगी और जो ऐतिहासिक साबित होगा।
सम्मेलन में आए हुए जनप्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर अपनी बातों को रखा।साथ ही सम्मेलन के दौरान 1974 के आंदोलनकारियों, शिक्षाविदों,पत्रकारों,बुद्धिजीवियों एवं अन्य गणमान्य को पुष्पगुच्छ, अंग वस्त्र,व मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।इस कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से धर्मेंद्र तिवारी,डॉ. शिवानी झा,केबी सहाय,गुलाब महतो, विरेंद्र ठाकुर,शंकर चौहान,डॉ. नेहा झा,अरविंद कुमार सिंह,ओम सिंह,लालजी वर्मा,उदय कुमार सिंह,मुकेश सिंह,नागेंद्र कुमार सिंह,रविंद्र कुमार सिंह,पप्पू पंडित,गौतम मंडल,नवनीत कुमार सिंह,रोहित सिंह,अनुज कुमार सिंह,प्रोफेसर एन के अम्बष्ठ, दीपक कुमार केसरी,अनंत झा कृष्णा,मृत्युंजय मंडल,निरंजन मंडल,कवित्री कविता झा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित हुए एवं सबों ने सम्मेलन के सफल आयोजन में अपना योगदान दिया।
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