
रिपोर्ट अरविंद सिंह

तिसरा। बस्ताकोला क्षेत्र संख्या 9 अंतर्गत बंद पड़ा घनुडीह परियोजना स्थित लगभग पांच सो घर लगभग बीस दिन से अंधेरे में तब्दील हो गई है। जिससे क्षेत्र में रहने वाले दैनिक मजदूरी कर गुजर बसर करने वाले मजदूरों के बच्चों के भविष्य अंधेरे में तब्दील होते जा रही है। वही ग्रामीणों में बीसीसीएल परबंधन के प्रति काफी आक्रोश व्यक्त है। बताते चलें कि 2 दिसंबर की देर रात्रि अज्ञात चोरों द्वारा हार्वे हथियार से लैस घनुडीह स्थित एक नंबर बिजली घर पर धावा बोल ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को बंधक बनाकर 400 केवी ट्रांसफॉर्मर में लगे कॉपर कोवाइल लेकर चलते बने थे। जिसके बाद से पूरा क्षेत्र अंधेरे में तब्दील हो गया है। वहीं ग्रामीण महिला मीना देवी ने बताया कि लगभग बीस दिन से पूरे क्षेत्र अंधेरा में तब्दील हो गई है। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो रही है। वहीं स्थानीय निवासी रामू साव ने बताया कि लगभग बीस दिन बीतने को है पूरे क्षेत्र अंधेरा में तब्दील हो गया है लेकिन आज तक बीसीसीएल कंपनी की ओर से कोई भी आधिकारी लोगों से मिलने नही आए जिससे परबंधन के प्रति काफी आक्रोश व्यक्त है। स्थानीय राजू हाड़ी ने परबंधन पर आरोप लगाते कहा कि हमलोग लगभग तीन दशक से घनुडीह क्षेत्र में रहते हुए आ रहे हैं और पूरा क्षेत्र अग्नि परभावित होने के कारण आग धीरे धीरे घनी आबादी वाले बस्ती की ओर बढ़ते जा रही है, जिसके कारण लोगों को क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है। वही बिजली नही रहने के कारण रात के अंधेरे में घर से निकलना मुश्किल हो गया है। अब तो अंधेरा रहने के कारण अपना घर के भीतर भी डर लगता है कि कहीं अंधेरे का फायदा चोर गिरोह उठाकर घर में ना प्रवेश कर कोई बड़ा अनहोनी कर दे। बिजली को लेकर पूजा देवी ने कहा कि अगर परबंधन को क्षेत्र में बिजली बहाल नही करनी है तो मत करे, लेकिन सर्व प्रथम परबंधन हम सभी लोगों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर बसाने का काम करे तभी लोगों का बिजली पानी की कटौती करे। अगर ऐसा परबंधन नही करती है तो आने वाले दिनों परबंधन को हम सभी ग्रामीण घेरने का काम करेंगे। वही पूजा देवी ने कहा कि क्षेत्र में जल्द से जल्द बिजली बहाल करे नही तो आने वाले दिनों में जोरदार तरीके से हमलोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे जिसकी वजह सिर्फ और सिर्फ परबंधन की होगी।

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