
केंदुआ(धनबाद)आज भी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड में अफसरशाही के तांडव ब्याप्त है जिसके चलते कम्पनी में इन दिनों रिस्वतखोरी काफी चरम पर है।जिससे मृत कर्मियों केअश्रितों को नियोजन के लिए उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इन कार्यों में कोलियरी स्तर से लेकर क्षेत्रीय व् मुख्यालय तक हो रहा है भारी भरकम पैसों का खेल पैसों की बंदरबांट में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक संलिप्त है।जिसका जीता जागता उदाहरण नियोजन सबंधित कम्पनी में हजारों फाईल लंबित पड़े हुए है।और मृत श्रमिक के आश्रित को बेवजह का जंजाल में फंसाकर रखा गया है।सूत्र बताते है कि बसीसील कम्पनी में नियोजन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मनमानी इस कदर चरम पर है कि उनकी मुंहमांगी राशि न मिलने पर नाना प्रकार की त्रुटियां
बताकर आवेदकों को उन्हें बार बार चिठ्ठी पत्री कर वर्षों टहलाया जाता है।जैसे,एक ही केस में बार बार पुलिस जांच,मेडिकल फिट,उम्र जांच
तथा जो लोग कार्यालय में बाबुओं को पैसे देते है उनका फाईल अविलंव प्रगति पर कर दी जाती है।सूत्र बतातें है कि कम्पनी में हर क्षेत्र में अफसरशाही राज कायम के चलते म्रृत श्रमिक के आश्रितों का नियोजन फाईल लंबित पड़े हुए है जिनका सूची निम्न प्रकार है।बरोरा क्षेत्र75,महुदा
क्षेत्र70,गोविंदपुर क्षेत्र 75,कतरास क्षेत्र80,सिजुआ क्षेत्र150,कुसुंडा क्षेत्र150, पी बी क्षेत्र60,बस्ताकोला क्षेत्र100,लोदना क्षेत्र80,भौरा क्षेत्र80,सी वी क्षेत्र70,मुनीडीह क्षेत्र70इत्यादि है। ऐसे नियोजन फाईल में लेंन देंन घूसखोरी करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों का नाम भी निम्न प्रकार है कतरास डी के पांडेय, सिजुआ मंसूर अंसारी,कुसुंडा गणेश कुमार,गोविंदपुर मंतोष तिवारी,बस्ताकोला अमरजीत कुमार,अदि क्षेत्रीय है एवं मुख्यालय में पदस्थापित सुजाता कुमारी,स्वेता सुभासनी,अभिषेक रॉय,कर्मी मुकेश सिंह सामान्य मजदूर,रवि कुमार,सुमेश कुमार व् अन्य कर्मी शामिल है।जो नियोजन संचिका निष्पादन करने में जमकर मनमानी और घूसखोरी कर रहे है।जिससे कई मृत श्रमिक के आश्रित नौकरी के अभाव में भुखमरी के कगार से गुजर रहे है। एवं नियोजन की आस में कोयला पत्थर बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करने को मजबूर है। सूत्रों ने यह भी बताया कि सन2022 में मृत श्रमिक के आवेदकों का नियोजन हो गया जबकि इसके पूर्व कई प्रोविजनल एम्प्लायमेंट कार्यरत है जिनका अबतक स्थाई करण नही की गई है।इसके अलावे कोरोना से मृत कर्मी के आश्रित को भी कंपनी द्वारा अबतक नियोजन नहीं दिया गया है।इस संबंध में मुख्यालय में गठित सीवीसी या सतर्कता अधिकारियों ने भी कभी इसकी सुधि नहीं ली है।जबकि एक ओर कम्पनी के सीएमडी समीरण दत्ता मृत श्रमिक के आश्रितों को मात्र90दिनों में नियोजन देने की घोषणा किये है जिसे कार्यालय कर्मचारियों ने नजरअंदाज करते हुए मृत श्रमिक के आश्रितों का फाईल पांच वर्षों से भी अधिक समय से लंबित किए हुए है।जो जाँच का विषय है।एवं कम्पनी के इस मामले को लेकर धनबाद कोयलांचल के कोलयरी क्षेत्रों में जोरों पर चर्चा का बाजार गर्म है।

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