
अंतर्कथा प्रतिनिधि

पटना -: राष्ट्रीय लोक जनता दल से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम जाफरी ने कहा की नितीश कुमार को इंडिया महागठबंधन का संयोजक नहीं बनाने पर ये फैसला लिया गया है वरना इंडिया महागठबंधन को एक करने मे नीतीश कुमार की ही मेहनत थी। राष्ट्रीय लोक जनता दल से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम जाफरी ने बताया की कल राजद की ओर से ये अफवाह फैलायी गयी की नितीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव की कॉल नहीं रिसीव की जिसको नितीश कुमार ने ख़ारिज करते हुए कहा की ऐसी कोई कॉल आयी ही नहीं इससे साफ पता चलता है की राजद और कांग्रेस बोखलाई हुई है। एस एम जाफरी ने बताया की कल जैसे पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को भी पद का लालच दिया गया लेकिन उन्होंने ये कह कर मना कर दिया की हम एन डी ए के साथ थे है और रहेंगे जब यहाँ से राजद के हाथ कुछ नहीं लगा तो फिर उन्होंने जदयू के कुछ विधायकों से संपर्क करना शुरू कर दिया पर उसका भी कोई रिजल्ट नहीं निकला। राष्ट्रीय लोक जनता दल से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम जाफरी ने कहा की बिहार में इस वक्त सियासी हलचल जारी है। राजद और जेडीयू गठबंधन टूटने की कगार पर है। शुक्रवार को पटना में दिनभर बैठकों का दौर जारी रहा। दूसरी ओर राबड़ी आवास पर लालू-तेजस्वी ने राजद कोटे के मंत्रियों के साथ बैठक की। वहीं नीतीश कुमार ने भी सीएम आवास पर अपने नेताओं के साथ मुलाकात की। उधर दिल्ली में बिहार की सियासी हलचल को देखते हुए दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने भी मीटिंग की। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के महासचिव बीएल संतोष भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि आरजेडी शनिवार को राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड करा सकती है। वहीं, भाजपा सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और रविवार को 9वीं बार सीएम पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड बना सकते हैं। इसे लेकर बीजेपी ने शनिवार को पटना में विधायक दल की बैठक बुलाई है।26 जनवरी के कार्यक्रम में भी CM नीतीश कुमार और डिप्टी CM तेजस्वी यादव डेढ़ घंटे साथ रहे, लेकिन दोनों ने आपस में बात नहीं की। इसके बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के टी पार्टी में बुलावे पर सीएम नीतीश कुमार पहुंचे, लेकिन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव नहीं गए। शिक्षा मंत्री आलोक मेहता को छोड़कर राजद का कोई भी नेता-विधायक भी टी पार्टी में नहीं पहुंचा।राजभवन में सीएम करीब 50 मिनट राजभवन में रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी। खास बात ये थी कि सीएम नीतीश ने कुर्सी से उठकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से जाकर मुलाकात की। राजभवन से निकलने के बाद जब उनसे तेजस्वी के नहीं आने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि उन्हीं से जाकर पूछिए। चर्चा इस बात की भी है कि नीतीश कुमार 28 जनवरी को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इन चर्चाओं को लेकर जब पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी से पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी के लिए दरवाजे परमानेंट बंद नहीं होते। अगर बंद होता है तो खुलता भी है। वहीं, पटना पहुंचे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर कल बैठक बुलाई गई है। बिहार में सत्ता बदलने को लेकर मौजूदा सरकार बताएगी। सम्राट चौधरी ने सुशील मोदी के दरवाजे खोलने वाले बयान पर कहा कि दरवाजे खोलने पर जिन्होंने बयान दिया है वही बताएंगे। रास्ते के बारे में वही बता सकते हैं। बीजेपी के स्तर पर कोई बात नहीं है, पूरी तरह से क्लियर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह से लड़ते चली आ रही है इस तरह से आगे भी लड़ेगी। पगड़ी खोलने पर उन्होंने कहा, पगड़ी का जवाब है पगड़ी के समय पर ही दूंगा।

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