
पटना: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को तंदरुस्त करने के लिए बिहार सरकार आए दिन कोई न कोई ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के डीएम को चिट्ठी लिख टेस्ट लैब की जानकारी मांगी है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए यह अहम जानकारी मांगी है। जिसका जवाब डीएम को जल्द से जल्द देना होगा जवाब।
जिलाधिकारियों को बताना होगा कि उनके जिले में पैथोलोजी लैब के साथ ही एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड, सीटी स्कैन और एमआरआइ के कितने लैब हैं। यह लैब मानकों के अनुरूप हैं अथवा नहीं। दरअसल सरकार ने यह जानकारी सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्देश के बाद तलब की है।

स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने भेजा सभी डीएम के पास लेटर

स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव शशांक शेखर सिन्हा ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय से जुड़े एक मामले में कोर्ट को यह जानकारी देनी है कि जिलों में कितने मानक स्वास्थ्य जांच घर हैं। इसके तहत पैथोलोजी लैब के साथ ही एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड, सीटी स्कैन और एमआरआइ लैब हैं जहां जांच होती है।
सुप्रीम कोर्ट का दिया हवाला
विशेष सचिव ने अपने निर्देश में कहा है कि जिलाधिकारी अपने जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश और सिविल सर्जन के साथ समन्वय कर आवश्यक सुविधाओं के साथ मानक जांच घरों को सूचीबद्ध करते हुए सरकार को जांच घरों की जानकारी भेजे ताकि कोर्ट को इस संबंध में जानकारी दी जा सके।
असल में न्यायिक सेवा पदाधिकारियों को सीधे सरकार द्वारा अधिसूचित अथवा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों, पैथोलाजी लैब में परामर्श और उपचार प्राप्त करने की सुविधा है। राज्य में कितने लैब अधिसूचित या सूचीबद्ध हैं इसी संबंध में यह जानकारी तलब की गई है।
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