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बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में पक्षियों की गणना शुरू।

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Feb 8, 2024

 

अंतर्कथा प्रतिनिधि

जमुई झाझा-नागी पक्षी आश्रयणी केंद्र सहित अन्य जलाशय स्थलों पर अलग अलग देशों से आने वाले विदेशी मेहमान पक्षियों की गणना शुरू हो गया,जिसका नेतृत्व पक्षी विशेषज्ञ अरविंद मिश्रा कर रहे हैं और पक्षी गणना में देश के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त पक्षी वैज्ञानिक डॉ.असद रहमानी ने भी इस जल पक्षी गणना में शामिल हैं I बताते चले कि डॉ.रहमानी 18 वर्षों तक बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के निदेशक भी रह चुके हैं I उन्होंने प्रतिभागियों को जल पक्षी गणना और पक्षियों को पहचानने के के गुर भी सिखाए जिनमें भागलपुर से आए पक्षीविद दीपक कुमार झुन्नू, वतन कुमार और स्थानीय बर्ड गाइड संदीप कुमार, मनीष कुमार यादव के साथ प्रदीप कुमार शामिल थे I पक्षी विशेषज्ञ ने बताया कि यहाँ जल पक्षी गणना का कार्य पटना में आयोजित पक्षियों पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला के तुरंत बाद शुरू हुआ जिसका आयोजन बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ I जमुई वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री तेजस जायसवाल का इस कार्यक्रम में मुख्य सहयोग रहा तथा वनपाल अनीश राठोर की सहायता से सारी व्यवस्था की गई I इस गणना कार्यक्रम में स्थानीय सहदेव यादव और वन रक्षी विक्की मांझी और रौशन कुमार भी शामिल थे I
पिछले दो दिनों में नागी और नकटी पक्षी अभयारण्य में जल पक्षियों की गणना की गई I इस वर्ष नागी-नकटी अभयारण्यों में जल का स्तर अच्छा देखा गया I नागी और नकटी में विभिन्न प्रजातियों के 5-5 हजार पक्षी देखे गए जिनमें साबसे ज्यादा संख्या लालसर और सरार पक्षियों की थी I नागी में राजहंस (बार हेडेड गूज ) के साथ ग्रे लैग गूज की भी खासी संख्या देखी गई I प्रवासी स्टोर्क सुरमाल को भी तीन कि संख्या में देखा गया I इसके अलावा चैता, छोटी मुर्गाबी, गिर्री और मछरंगा जैसे पक्षियों को देखना भी काफी सुखद रहा I
डॉ.रहमानी ने कहा कि नागी-नकटी में पक्षियों को इतने नजदीक से देख पाने का मतलब है कि इस इलाके में पक्षियों का शिकार नहीं होता I कहा कि यहाँ के जलाशयों का जल भी अत्यंत स्वच्छ है और जलकुम्भी जैसी घातक वनस्पतियों का आतंक भी यहाँ नहीं है I उन्होंने नागी में तितलियों का पार्क बनाने का भी सुझाव दिया I अरविंद मिश्रा ने बताया कि नागी में पर्यटकों को कराई जाने वाले नौकायन के कारण यहाँ पक्षियों को व्यवधान हो रहा है और और वे दूर जाकर सिमट रहे हैं I


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