
स्थानीय प्रोजेक्ट बालिका+2 विद्यालय चरपोखरी भोजपुर का भवन जर्जर स्थिति में है। हालात विद्यालय भवन का ऐसा हो गया है कि जगह-जगह से प्लास्टर अपने आप गिरते रहता है। पिछले दिनों विद्यालय ऑफिस कक्ष में अचानक छत के प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूट कर गिर गया।
ऑफिस कक्ष में तीन शिक्षक काम कर रहे थे,तभी अचानक यह घटना हुआ। संस्कृत शिक्षक सुनित त्रिपाठी इस घटनाक्रम में चोटिल हो गए, हल्का चोट गणित शिक्षक सुकेश कुमार को भी आया।सुनित त्रिपाठी का प्राथमिक इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर करवाया गया। विद्यालय भवन को लेकर अगर विचार रखा जाए तो विद्यालय अपने मूल सुविधाओं को लेकर अभाव झेल रहा है। हर दिन डर बना रहता है कि कब कहां से कहां का हिस्सा टूटकर गिर जाए।

विद्यालय भवन और मौलिक मूल सुविधाओं को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय राय से बात किया गया तो उन्होंने खासा प्रभावी बातें कही। विद्यालय 4 अप्रैल 1987 को निर्माण हुआ था, धीरे-धीरे आज के हालात में जर्जर परिस्थिति में पहुंच गया है। विद्यालय+2 होने से देखा जाए तो भवन या वर्ग कक्ष आवश्यकता अनुपात में कम है। यहां कला एवं विज्ञान संकाय की शिक्षा का व्यवस्था है, इसलिए प्रयाप्त सुविधाएं नहीं हैं। जगह-जगह से समय असमय प्लास्टर गिरते रहता है,और घटनाओं का अंदेशा लगा रहता है।

विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति का लिखित जानकारियां वरिय पदाधिकारी को सौंपा गया है। समय – समय पर विद्यालय मरम्मती का काम भी होते रहा है लेकिन दिवार पुराना होने से प्लास्टर या मरम्मती टीक नहीं पाता।विद्यालय परिवार के सदस्यों का एक साथ मांग है कि विद्यालय भवन का पुनर्निर्माण होना चाहिए। विद्यालय का अपना कोई खेल परिसर नहीं है,
इसलिए भी महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुविधाओं से छात्राएं वंचित रह जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद जिले से विद्यालय निरीक्षक टीम आया था,वर्तमान स्थिति परिस्थिति को लिखित प्रतिवेदन में सौंपा गया है। घटना बड़ी न हो जाए इसलिए एक वर्ग कक्ष को बंद कर दिया गयाहैं वर्ग संचालन में दिक्कतें परेशानियां आ रही है।
विद्यालय भवन पुरी तरह से पुराना पड़ने से जगह जगह से प्लास्टर दीवार से अलग होते साफ देखा जा सकता है।कुल मिलाकर पुरे विद्यालय भवन और परिसर पर विचार रखा जाए तो पाएंगे कि पुनर्निर्माण ही एक विकल्प है।
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