

आज स्थानीय प्रोजेक्ट बालिका+2 विद्यालय चरपोखरी भोजपुर के कला प्रेक्षागृह में, सुरक्षित शनिवार गतिविधि के अंतर्गत कला गतिविधि करवाया गया। छात्राओं ने सुरक्षित शनिवार विषय को ध्यान में रखते हुए दशहरा,छठ पर्व पर चित्र संयोजित किया। छात्राओं द्वारा सृजित गढ़ित चित्र को सबके सामने प्रदर्शित किया गया। गवई लोक मेला भीड़भाड़ और लोगों को कैसे भीड़ के हिस्सा बनने से बचाया जा सकता है, चित्र का हिस्सा बना।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय राय छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि चित्र मूर्त संदर्भ का हिस्सा होता है।हम जो समझ रखते हैं,अक्सर कला गतिविधियों में दिख ही जाता है। सुरक्षित शनिवार गतिविधि और कला गतिविधि को एक खाका में बांधा है छात्राओं ने, प्रशंसनीय और दर्शनीय हैं। वहीं संगीत शिक्षक प्रमोद कुमार ने कहा कि बालिका विद्यालय में सुरक्षित शनिवार गतिविधि के साथ स्वरचना चित्र संयोजित कर छात्राओं ने सौंदर्य को सृजित किया है।

गांव कस्बों के मोटी पतली गलियों और मेले का चित्रण कर भीड़ में लोगों को कैसे सुरक्षित रहना है समाज को संदेश दिया। चित्रों का रंग रोगन और संयोजन बाल कला शैली और शिल्प के अनुसार सपाट व कलात्मक था। कला शिक्षक रौशन राय ने कहा कि इस तरह का कला गतिविधि और सारगर्भित वैचारिक एकरूपता शैक्षणिक संस्थानों का हिस्सा होता है। विद्यालयों में तरह तरह की रचनात्मक प्रोजेक्ट बनाना ही सार्थक कौशल विकास होता है,

और नवाचार शिक्षा का हिस्सा होता है। कुल मिलाकर आज का कला गतिविधि निश्चित रूप से छात्राओं को एक नई दिशा और समझ विकसित करने में सहयोगी होगा। कला गतिविधि में शामिल छात्राओं में मुख्य जिया कुमारी, गुलशन कुमारी, मुस्कान कुमारी,नन्दनी कुमारी, दिव्या कुमारी, अंजली कुमारी, प्रिया कुमारी, सृष्टि कुमारी, साक्षी कुमारी, रागनी कुमारी, आरती कुमारी, ने चित्र सृजित किया।
छात्राओं द्वारा स्वरचना एक मौलिक चक्षु कला को बाल कला से जोड़ एक अलग एहसास कराने में सफलता हासिल की। कुल मिलाकर आयोजन कलात्मक और प्रशंसनीय रहा।
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