
धनबाद के वासेपुर का गैंगस्टर प्रिंस खान अब निचले स्तर पर उतर गया है. रोज कमाने खाने वालों से भी रंगदारी मांग रहा है. उन्हें धमका रहा है. यह बात मंगलवार को जिया cyber cafe पर फायरिंग के बाद लोग कह रहे थे.

धनबाद: धनबाद के वासेपुर का गैंगस्टर प्रिंस खान अब निचले स्तर पर उतर गया है. रोज कमाने खाने वालों से भी रंगदारी मांग रहा है. उन्हें धमका रहा है. यह बात मंगलवार को जिया cyber cafe पर फायरिंग के बाद लोग कह रहे थे. कैफे के संचालक का कहना है कि उसने घर के बगल में तीन कट्ठा जमीन खरीदी है. उसे जमीन के लिए डेढ़ साल से रंगदारी मांगी जा रही है. हालांकि उसने इसकी सूचना पुलिस को भी दी थी.

हर दिन कमाने खाने वालों से भी मांगी जा रही रंगदारी
सूत्रों के अनुसार साइबर कैफे के सामने पुलिस की तैनाती भी थी फिर भी अपराधी आए और फायरिंग कर चले गए. हालांकि पुलिस ने अगल-बगल के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला है. उसमें अपराधी आते और जाते दिख रहे हैं. संचालक के अनुसार पड़ोस में ही उसने आरा मोड़ के पास तीन कट्ठा जमीन खरीदी थी. जमीन को लेकर ही प्रिंस खान और गोपी खान रंगदारी मांग रहे है. मोल तोल के बाद तीन लाख रंगदारी मांगी जा रही है. उन्होंने कुछ दिन पहले इसकी सूचना पुलिस को दी थी. संचालकों का यह भी कहना है कि लोन लेकर हम लोगों ने जमीन खरीदी है .अब तो हर दिन कमाने खाने वालों से भी रंगदारी मांगी जा रही है. वहां मौजूद लोग यह भी कह रहे थे कि प्रिंस खान और गोपी खान जैसे अपराधियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार जैसा प्रशासक चाहिए. तभी वासेपुर में लोग निश्चित से रह सकते हैं .
पिछले शनिवार से धनबाद जिले में अपराध की घटनाओं का सिलसिला शुरू
फिलहाल झारखंड में संगठित अपराधिक गैंग के खिलाफ अभियान चल रहा है. इस अभियान के बीच मंगलवार को फायरिंग की घटना ने पूरे अभियान की हवा निकाल दी है. हालांकि मंगलवार का दिन धनबाद में अपराधियों के नाम रहा. पहले प्रिंस खान ने फायरिंग कराई. उसके बाद झरिया के बकरी हाट मोड़ पर बिहार बिल्डिंग के निकट बाइक सवार अपराधियों ने टायर व्यवसाई के कर्मचारी से दो लाख छीन लिए. बात इतनी ही नहीं रही,धनबाद के टुंडी थाना क्षेत्र में पांच अपराधियों ने रिकवरी एजेंट को लूटने का प्रयास किया. दो अपराधियों को ग्रामीणों ने खदेड़ कर पकड़ लिया लेकिन तीन भाग गए .पिछले शनिवार से धनबाद जिले में अपराध की घटनाओं का एक सिलसिला शुरू हो गया है. देखना है पुलिस पर अपराधी कब तक भारी पड़ते रहेंगे.
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