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पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की 28 वीं पुण्यतिथि पर शोक संवेदना किया व्यक्त। हरीश जोशी

ByAdmin Office

Apr 10, 2023

 

रिपोर्ट अरविंद सिंह

झरिया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई जी की सोमवार को 28वी पुण्यतिथि पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता एवं लोकतंत्र सेनानी संघ झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष सह झरिया गुजराती समाज के अग्रणी हरीश कुमार जोशी अधिवक्ता ने विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए शोक संवेदना व्यक्त किया है। श्री जोशी ने कहा कि मोरारजी देसाई 81 वर्ष की आयु में भारत के प्रधानमंत्री बने ।वे देश के पहले गुजराती प्रधानमंत्री थे।उनका निधन 99 वर्ष की आयु में 10 अप्रैल 1995 को हुवा। स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ मिलकर उन्होंने अनेक बार सत्याग्रह एवं जेल यात्राएं की ।जवाहरलाल नेहरू के बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता होने के कारण वे प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, मगर इंदिरा गांधी से मतभेद के कारण उनको प्रधानमंत्री नही बनाया गया और उन्होंने के कामराज निजलिंगप्पा इत्यादि के साथ कांग्रेस ओ नाम की अलग पार्टी बनाई लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में जब छात्र आंदोलन हुवा एवं इंदिरा गांधी अपदस्थ हुई और जनता पार्टी का शासन आया तो लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने चौधरी चरण सिंह, जगजीवन राम, अटल बिहारी बाजपेई को छोड़ कर मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बनाया। उनके नेतृत्व में संविधान में एशा संशोधन किया गया जिससे अब देश में कोई आपातकाल लगा कर तानाशाह नही बन सकता है।मोरारजी देसाई को भारत रत्न की उपाधि दी गई थी ।99 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हुई ।
वे एक बार झरिया में कांग्रेस के विधान सभा के उम्मीदवार शिवराज प्रसाद के प्रचार हेतु आए थे, तब आज के बकरीहाट राजा के गेस्ट हाउस के पास एक जनसभा हुई थी। वहां बहुत बड़ा ग्राउंड था आज कल तो अतिक्रमण कर ग्राउंड को ही समाप्त कर दिया गया है। मैं उस समय स्कूली छात्र था, एकीकृत बिहार था महामाया बाबू ने छात्रों को जिगर के टुकड़े कहा था, जब छात्रों ने ग्राउंड में मंच पर पत्थर बाजी शुरू की तो सब कांग्रेसी भाग गए लेकिन मोरारजी देसाई मंच पर अकेले डते रह मैं उस घटना का प्रत्यक्ष दर्शी हू।
उनके जैसा दृढ़प्रतिज्ञ व्यक्ति न हुआ है न होगा वे अपने सिद्धांत के लिए सता को ठोकर मार सकते है लेकिन परिस्थितियों से समझौता नहीं करते थे।आपातकाल में जेल यात्रा की वे भी एक लोकतंत्र सेनानी थे आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन ।


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