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पी जे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर राधा – कृष्ण रुप सज्या प्रतियोगिता का आयोजन

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Sep 3, 2026
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*चक्रधरपुर* आज दिनांक 03 सितम्बर गुरुवार को पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंग्लिश मीडियम पंपरोड,चक्रधरपुर में राधा – कृष्ण रुप सज्या प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

 

अतिथि के रूप में विद्यालय के संरक्षक मनोज भागेरिया जी,उपाध्यक्ष श्रीमती दमयंती नाग जी,संघ के प्रांतीय सह कार्यवाह मोहन कच्छप जी,21 नं वार्ड के पार्षद रवि कुमार बाँकिरा जी,22 नं वार्ड के वार्ड पार्षद श्रीमती मंजू मिंज जी,श्री अजित कुमार पाण्डेय जी (अंकित मेमोरियल के संथापक) एवं प्रधानचार्य आनंद चंद्र प्रधान द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया गया।

अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्य आनंद चन्द्र प्रधान द्वारा कराया गया।

 

मुख्य अतिथि श्री मनोज भगेरिया जी द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर बताया की उन्होंने अधर्म का नाश करने के लिए तथा धर्म की स्थापना करने के लिए ही पृथ्वी पर अवतार लिया।

 

प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान ने कहा की कृष्ण जन्माष्टमी की पावन अवसर पर राधा – कृष्ण रुप सज्या प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसका उदेश्य भैया – बहनों में राधा – कृष्ण का आचरण विचार धारा भाव भरना है।

मोहन कच्छप जी ने भी श्री कृष्ण की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा की श्री कृष्ण को जन्म लेते ही संघर्ष जीवन का सामना करना पड़ा।

 

कार्यक्रम में कुल 55 प्रतिभागी भैया – बहनों ने भाग लिए। निर्णायक मण्डली में मनोज भगेरिया,दमयंती नाग, मोहन कच्छप, रवि कुमार बाँकिरा, मंजू मिंज जी द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों नामों की घोषणा की। जिसमें कृष्ण के रुप में प्रथम स्थान पर पप्पू तांती द्वितीय स्थान पर मनकृत मुखी तृतीय स्थान पर हिमांशु प्रसाद वहीं राधा के रुप में प्रथम स्थान पर आन्या महतो द्वितीय स्थान पर मायशा लोवादा तृतीय स्थान पर श्रेया गुप्ता आई। विजेता प्रतिभागी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

 

वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर थाली सजायो एवं राखी बनायो प्रतियोगिता प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया – बहनों को आज सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सौभीक घटक द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जय श्री दास, शांति देवी, मीना कुमारी, स्वास्तिक सोय, भारती कुमारी, सुलेखा टुडू,चांदनी जोंको, जयंती तांती आदि का सराहनीय योगदान रहा। काफ़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्तिथ रहे।


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