
सरायकेला – झारखंड के सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को सरायकेला जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आगामी रणनीति पर गहन चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 अप्रैल से रांची में मुख्यमंत्री आवास के समक्ष प्रस्तावित आमरण अनशन को हर हाल में सफल बनाया जाएगा।

जिला अध्यक्ष श्री विजय लेंका ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि ‘आकलन परीक्षा’ को ‘TET’ (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के समकक्ष मान लिया जाता है, तो सभी साथियों को TET की अनिवार्यता से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

जिला सचिव श्री पुस्तम हज़ाम ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि पिछले आंदोलनों की बदौलत ही आज मानदेय 20,000 तक पहुँचा है और ईपीएफ (EPF) का लाभ मिलना शुरू हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि अपनी अन्य मांगों को मनवाने के लिए एकजुटता ही एकमात्र रास्ता है।
जिला महासचिव साकेत शेखर ने सिलसिलेवार ढंग से आंदोलन के फायदों को समझाया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अपनी नौकरी को सुरक्षित रखने के लिए आकलन परीक्षा को TET के समकक्ष कराना अत्यंत आवश्यक है और यह लड़ाई हमारे अस्तित्व की लड़ाई है।
बैठक में विभिन्न प्रखंडों से आए प्रतिनिधियों ने एक सुर में “तन-मन-धन” से सहयोग देने का आश्वासन दिया। सभा का समापन एक सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी ने संकल्प लिया कि:
“आकलन को हर हाल में टेट (TET) के समतुल्य करवा कर रहेंगे।”
आगामी 18 अप्रैल को रांची के धरना स्थल पर भारी संख्या में शिक्षकों के जुटने की संभावना है, जिससे प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
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