
*राजस्थान :* शादी की बारात में न हेलीकॉप्टर, न हाथी, न घोड़ा और न ही कोई चकाचौंध… फिर भी यह शादी सुर्खियां बटोर रही हैं. इस अनोखी शादी की बारात 101 ट्रैक्टरों पर निकाली गई.
लंबी और महंगी गाड़ियों में बारात ले जाने के फैशन के इस दौर में पश्चिम राजस्थान के एक युवा सरपंच ने अपनी शादी को यादगार बना दिया.

अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए 101 ट्रैक्टरों पर बारात लेकर ससुराल पहुंचा. यह नजारा जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है.

लंबी और महंगी गाड़ियों में बारात ले जाने के फैशन के इस दौर में पश्चिम राजस्थान के एक युवा सरपंच ने अपनी शादी को यादगार बना दिया. अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए 101 ट्रैक्टरों पर बारात लेकर ससुराल पहुंचा.
यह नजारा जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है.
पश्चिम राजस्थान के सरहदी बाड़मेर जिले में एक अनूठी बारात देखकर हर कोई अचरज में पड़ गया है. अनूठी बारात में न तो महंगी गाड़ियों का लंबा- चौड़ा काफिला था और न ही दिखावे के लिए कोई जतन किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भी यह बारात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही है, क्योंकि इस बारात में गाड़ियों के काफिले की जगह किसानों का हमदम कहलाने वाले 101 ट्रैक्टरों का काफिला था और खुद दूल्हा भी ट्रैक्टर पर बैठकर अपनी दुल्हनिया को लेने पहुंचा है.
पश्चिम राजस्थान के सरहदी बाड़मेर जिले में एक अनूठी बारात देखकर हर कोई अचरज में पड़ गया है. अनूठी बारात में न तो महंगी गाड़ियों का लंबा- चौड़ा काफिला था और न ही दिखावे के लिए कोई जतन किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भी यह बारात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही है, क्योंकि इस बारात में गाड़ियों के काफिले की जगह किसानों का हमदम कहलाने वाले 101 ट्रैक्टरों का काफिला था और खुद दूल्हा भी ट्रैक्टर पर बैठकर अपनी दुल्हनिया को लेने पहुंचा है.
दरअसल सिणधरी उपखण्ड क्षेत्र बिलासर ग्राम पंचायत के सरपंच हनुमान राम की शादी नाकोड़ा गांव की कमला से हुई. बारात दूल्हे के घर से 10 किलोमीटर दूर स्थित नाकोड़ा गांव पहुंची. यहां हनुमानराम ने अग्नि को साक्षी मानकर कमला के साथ सात फेरे लिए.
दरअसल सिणधरी उपखण्ड क्षेत्र बिलासर ग्राम पंचायत के सरपंच हनुमान राम की शादी नाकोड़ा गांव की कमला से हुई. बारात दूल्हे के घर से 10 किलोमीटर दूर स्थित नाकोड़ा गांव पहुंची. यहां हनुमानराम ने अग्नि को साक्षी मानकर कमला के साथ सात फेरे लिए.
इस दौरान 500 से अधिक बाराती 101 ट्रैक्टरों पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे है. यह नजारा देख हर कोई दांतो तले अंगुली दबाने को मजबूर हो गया है.करीब एक किलोमीटर लंबा ट्रैक्टरों का काफिला जहां से भी गुजरा ग्रामीण, महिलाएं व बच्चे भी इसे देखते रह गए.
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