
संवाददाता :नरेश विश्वकर्मा
निरसा :निरसा क्षेत्र में विगत कई दिनों से मूसलाधार वर्षा हो रहा है!इस भारी वर्षा के वजह से सभी बायपारियों का जान माल का काफ़ी नुकशान हो रहा है, जगह जगह नदी नाले भरे पड़े है और नदी में पानी का उफान छू रहा है!इस भारी वारिश के वजह से अच्छे अच्छे मकान में भी पानी चुने लगा है!

यहाँ तक की जानवर भी इस वारिश से बचने के लिये अपना आसियाना ढूंढ रहा है, परन्तु उस जानवर को कही ठरने के लिये जब जगह नहीं मिलता है तो वें अपने शरीर को पानी से बचने के लिये किसी ठेला के नीचे छिप जाता है, वही इस मूसलाधार वारिश में कई कुत्ते ठेला के ऊपर चढ़कर सोते है

तो कुछ कुत्ते ठेला के नीचे अपना सर छुपाते है, यह जानना जरुरी है की जिस तरह से इंसान इस वारिश में अपना सर छुपाने के लिये अपना आशियाना ढूंढ़ता है उसी प्रकार चोपाई जानवर भी अपने सर छिपाने के लिये जगह ढूंढ़ता है!इंसान और जानवर में यही फर्क है की इंसान अपने जुबान बोल सकता है लेकिन जानवर बोल नहीं पाता है!
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