
*धनबाद :* नए साल के स्वागत के लिए पंचेत डैम सजधज कर तैयार है. प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण से ओतप्रोत यह डैम धनबाद जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर दोमोदर नदी पर बना यह यह डैम झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ता है.
नए साल में महज 10 दिन बाकी हैं. इसे देखते हुए डीवीसी प्रबंधन इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए सजाने और संवारने में जोरशोर से लगा है. वैसे तो यहां नवंबर से ही सैलानियों का आना शुरू हो गया है. लेकिन बड़ा दिन यानी 25 दिसंबर से पिकनिक मनाने के लिए सैलानियों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है. झारखंड और पश्चिम बंगाल से सैलानी बड़ा दिन और नया साल का लुत्फ उठाने के लिए परिवार के साथ यहां पहुंचते हैं.
डीवीसी प्रबंधन की ओर से डैम का सौंदर्यीकरण भी किया गया है. सैलानी डैम में नौका विहार का भी आनंद ले सकेंगे. साथ ही डैम से करीब दो किलोमीटर दूर भालका गांव स्थितज मां झोरबूढ़ी गरम कुंड देखने भी सैलानी पहुंचते हैं. धनबाद से निजी वाहन के अलावा बस व ट्रेन से भी डैम तक पहुंच सकते हैं. ट्रेन से जाने पर पंचेत डैम से करीब 9 किलोमीटर पहले कुमाधुबी स्टेशन उतरना होगा. वहां से किराए के वाहन से डैम तक पहुंचा जा सकता है.
कोरोना के बाद नेहरू पार्क के बाहर मेला भी लगाया जा रहा है. मेले में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए नेहरू पार्क के पास झूला, मिक्की माउस, ब्रेक डांस जैसे झूलों व मनोरंजन के अन्य साधन की व्यवस्था की जा रही है. आसपास दुकानें सज गई हैं. पार्क में पेयजल, नल, शौचालय आदि की व्यवस्था है. पंचेत बाजार के पास मुबारक अंसारी का स्नेक पार्क भी हमेशा की तरह आकर्षण का केंद्र है.
इस वर्ष भी सैलानी पंचेत डैम के समीप स्थित नेचर पार्क की सुंदरता का मजा नहीं ले पाएंगे. करोड़ों रुपए खर्च कर बनाया गया नेचर पार्क डीवीसी की उदासीनता और रखरखाव के अभाव में झाड़ियों में तब्दील हो गया है. टेंडर नहीं होने की वजह से डीवीसी ने पार्क में ताला जड़ दिया है.

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