
बैंक से किसी भी तरह का लेन-देन पहले जैसा आसान नहीं रहा. अपने ही बैंक के ATM से चंद हजार रुपये निकालने के लिए भी आपको बार-बार सिक्योरिटी कोड जैसे स्टेप फॉलो करने पड़ते हैं. ऑनलाइन पैसा देने के लिए OTP देना पड़ता है
कहा जाता है कि सब बहुत सेफ है, लेकिन इस सबके बाद भी कोई अकाउंट पर हाथ साफ कर जाए तो!
बिना OTP अकाउंट हुआ साफ

दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में सिक्योरिटी एजेंसी चलाने वाले एक शख्स के साथ साइबर ठगी का अनोखा मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी चलाने वाले शमशेर सिंह ने बताया है कि किसी ने उन्हें बार-बार कॉल कर कंपनी के अकाउंट से 50 लाख रुपये निकाल लिए. बड़ी बात ये कि पीड़ित ने पैसे के ट्रांसफर के लिए जरूरी OTP तक शेयर नहीं किया था.

बीती 13 नवंबर का ये मामला अब मीडिया में आया है. पीड़ित शमशेर के मुताबिक उस दिन वो घर पर ही थे. उन्होंने पुलिस में जो FIR दर्ज कराई है, उसके मुताबिक उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया था. पीड़ित ने वो कॉल उठाया. लेकिन दूसरी तरफ से कोई आवाज़ नहीं आती. उसके बाद कुछ अजीब होने लगा. कंपनी के डायरेक्टर शमशेर ने बताया है कि पहले कॉल के बाद उनके फोन पर अलग-अलग नंबरों से कई बार फोन आने लगा. कुछ कॉल वो नहीं उठाते. कुछ पिक कर लेते हैं. लेकिन हर बार दूसरी तरफ से कोई नहीं बोल रहा था
FIR के मुताबिक, पीड़ित का कहना है कि ये सिलसिला करीब एक घंटे तक चलता है. लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने शमशेर के होश उड़ा दिए. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फोन पर आए मेसेज देखे तो पता चला कि उनकी कंपनी ‘सिक्योरिटी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड’ के अकाउंट से करीब 50 लाख रुपये गायब हो चुके थे. पीड़ित को कोई आइडिया नहीं कि ये कैसे हो गया. उन्होंने अपने बेटे योगेश को इसकी जानकारी दी जिसने 15 नवंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी.
पुलिस ने शमशेर की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आजतक के मुताबिक दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के डीसीपी ने बताया कि दरअसल पीड़ित को OTP मिला था, लेकिन मोबाइल ‘कॉम्प्रोमाइज’ हो जाने के चलते उसे इसका पता ही नहीं चला. पुलिस अधिकारी ने कहा कि आम तौर पर इस तरह की साइबर ठगी को ‘जामताड़ा गैंग’ ही अंजाम देता है. शिकायत के बाद पुलिस ठगी करने वालों की तलाश में जुट गई है
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