
धनबाद: शहर के प्रसिद्ध डीएमसी (DMC) मॉल में आयोजित दो दिवसीय ‘शिल्पोत्सव धनबाद 2026’ में स्थानीय कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस सांस्कृतिक एवं हस्तशिल्प उत्सव का मुख्य आकर्षण उस समय और बढ़ गया, जब सखीअम्म फाउंडेशन की एक विशेष टीम ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर इसका अवलोकन किया।
टीम के सदस्यों ने मॉल में सजे विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और झारखंड की पारंपरिक कला, संस्कृति, और हस्तशिल्प से जुड़ी उत्कृष्ट कलाकृतियों को बेहद करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक हथकरघा उत्पादों, मिट्टी के बर्तनों, बांस की कलाकृतियों और राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली अन्य वस्तुओं में गहरी रुचि दिखाई।

अवलोकन के दौरान फाउंडेशन की टीम ने न केवल कलाकृतियों की सराहना की, बल्कि वहां मौजूद स्थानीय कलाकारों, दस्तकारों और कारीगरों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। कलाकारों से बातचीत करते हुए टीम ने उनके संघर्ष और रचनात्मकता को सराहा तथा उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर सखीअम्म फाउंडेशन की टीम ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “इस तरह के भव्य आयोजन स्थानीय हुनर को एक बड़ा और बेहतर मंच प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, ये प्रयास झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

टीम ने आगे कहा कि सखीअम्म फाउंडेशन हमेशा से महिलाओं, ग्रामीण कलाकारों और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। धनबाद में हुए इस शिल्पोत्सव ने न सिर्फ कारीगरों को अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर दिया, बल्कि आम जनता को भी राज्य की पारंपरिक धरोहर से जुड़ने का एक सुनहरा मौका उपलब्ध कराया है। दो दिवसीय इस आयोजन के दौरान शहरवासियों की भी अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली, जिससे स्थानीय कलाकारों का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
