

रिपोर्ट, अरुण कुमार सैनी
केंदुआ। धनबाद डीआरएम ऑफिस में 10 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कोल एरिया के ट्रांसपोर्ट निरीक्षक लक्ष्मी कांत उपाध्याय के द्वारा किए जा रहे भ्रष्ट कार्यों को विरुद्ध झामुमो यू के धनबाद महानगर अध्यक्ष जेपी वालिया ने माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली को लिखा पत्र। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने लिखे पत्र में कहा है कि धनबाद डीआरएम कार्यालय में कोयला क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट निरीक्षक लक्ष्मीकांत उपाध्याय विगत 10 वर्षों से एक ही स्थान पर विराजमान हैं और धनबाद रेल मंडल अंतर्गत रेलवे रैक ट्रांसपोर्टिंग का कार्य इन्हीं के अधीन है। तथा कोयला क्षेत्र में जितने भी रेलवे रेक लोड होते हैं ओ इनके देखरेख में ही होते हैं। जिसमें घोर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिससे प्रत्येक माह लाखों रुपए की इनकी अवैध काली कमाई हो रही है उक्त काली कमाई के जरिए इन्होंने अपने कार्यकाल में धनबाद झारखंड से लेकर अपने पैतृक निवास यू पी तक काफी अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा कि रेलवे रैक में लोडिंग के समय जो रेक में अधिक कोयला लोड होता है उसे रेलयार्ड में नियमानुसार उतारने का कार्य किया जाता है परंतु इनके कार्यकाल मे ऐसा नहीं किया जाता है बल्कि उसकी सेटिंग गेटिंग कर उस रेक की ओवरलोड कोयला उतारने की बजाय उसे रेल याड में कुछ देर के लिए रोककर रैक को छोड़ दिया जाता है जिससे सरकार के करोड़ों रुपए के राजस्व की भारी क्षति हो रही है। और उसी तरह रेक में जो बड़ा हुआ कोयला होता है उसके पैसे का बंदरबांट कर रेल माफियाओं द्वारा लाभ लिया जा रहा है जो ईडी और सीबीआई जांच का मामला है। उन्होंने कहा कि बहुत सोचने की बात है कि 10 सालों से ट्रांसपोर्ट निरीक्षक के पद पर लक्ष्मीकांत उपाध्याय योगदान दे रहे हैं परंतु विभाग ने आज तक कभी इसकी सुधि नहीं ली है की ए इतने सालों से ट्रांसपोर्ट निरीक्षक किस तरह बने हुए हैं और एक ही स्थान पर योगदान दे रहे हैं यह सीबीआई जांच का मामला है इनके द्वारा अखबार और नेता एवं सरकार के अधिकारियों से लेकर रेल विजिलेंस तक सेटिंग कर यह धनबाद में जमे हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए कहां है कि इनका मामला अविलंब जांच किया जाना चाहिए की यह 10 सालों से धनबाद डीआरएम कार्यालय में किस तरह से अवैधविराजमान हैं इसकी भी जांच सीबीआई से होनी चाहिए क्योंकि इस तरह के अधिकारी ज्यादा दिन रहते हैं तो भ्रष्टाचार का बोलबाला और विभाग को नुकसान पहुंचने लगता है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी को कहा है कि ना खाएंगे ना खाने देंगे तो इस तरह के अधिकारी खा भी रहे हैं और भ्रष्टाचार के गंगोत्री में नहा भी रहे हैं श्री लक्ष्मीकांत उपाध्याय कोल ट्रांसपोर्ट निरीक्षक के कार्यकाल में रेल माफियाओं और कोयला माफियाओं ने पूरे रेल रिकॉर्ड को तोड़ दिया और केंद्र सरकार को बड़े पैमाने पर चुना लगाने का काम किया गया है। जिसकी ईडी और सीबीआई द्वारा निष्पक्ष जांच किया जाना चाहिए और दोषी पाए जाने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

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