
धनबाद। गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे मानवीय सेवा के प्रकल्प नर सेवा नारायण सेवा अभियान के तहत गुरुवार, 30 अप्रैल को टुंडी रोड स्थित आसन डाबर के लालमणि वृद्धा आश्रम में एक भव्य और भावपूर्ण सेवा कार्यक्रम संपन्न हुआ। धनबाद जिला गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के उपेक्षित और एकाकी जीवन जी रहे वृद्ध जनों को सम्मान देना और उनके जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री शक्तिपीठ बस्ता कोला के देवालय प्रबंधन समिति की कर्मठ और ऊर्जावान बहनों के द्वारा की गई। बहनों ने मधुर भजनों और संगीत के माध्यम से आश्रम के वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इसके पश्चात अत्यंत सफलतापूर्वक यज्ञ का संचालन किया गया और दीप यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने विश्व कल्याण और मानवीय संवेदनाओं की जागृति के लिए आहुतियां दीं। इस पुनीत अवसर पर आश्रम में रहने वाले सभी वृद्ध जनों का गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा अत्यंत भाव भरा स्वागत और अभिनंदन किया गया।

सेवा की इसी कड़ी में गायत्री परिवार की ओर से लालमणि वृद्धा आश्रम को एक महीने की संपूर्ण राशन सामग्री भेंट की गई। साथ ही, वहां निवास कर रहे प्रत्येक वृद्ध जन को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब सीएमआरआई के पूर्व अधिकारी श्री गोलक मंडल जी की धर्मपत्नी की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित जनों ने उनकी स्मृति को नमन किया और समाज सेवा के कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। संस्था के पदाधिकारियों ने गायत्री परिवार के इन प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वृद्ध जनों के स्वास्थ्य और सुविधा का ध्यान रखते हुए गायत्री परिवार द्वारा उत्तम जलपान और सात्विक भोजन की सुंदर व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के अंत में सभी भाइयों और बहनों ने वृद्ध जनों के साथ एक पंक्ति में बैठकर बड़े ही प्रेम भाव से भोजन प्रसाद ग्रहण किया। उपस्थित सदस्यों ने प्रार्थना की कि मां भगवती गायत्री और गुरु सत्ता उन्हें सदैव ऐसे श्रेष्ठ और परोपकारी कार्य करने की शक्ति प्रदान करते रहें।
इस सफल आयोजन में मुख्य रूप से विभूति शरण सिंह, गोलक चंद्र मंडल, संजय सिंह, अरविंद कुमार सिंह, सीताराम यादव, रूबी सिंह, दुलारी पाठक, लता पाराशर, मीरा सिंह, उषा कुमारी, कमला देवी, सीमा देवी सहित गायत्री परिवार के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इसी तरह नर सेवा को ही नारायण सेवा मानकर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
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