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द आरसीआई में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस, निदेशक राकेश रौशन ने कहा युवा अपने अन्तर्मन की सुने, तरक्की अवश्य होगी।

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Jan 12, 2023

 

विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी के मार्गों पर चलना चाहिए : अंकित चंद्रवंशी

अंतर्कथा : बरही/पंचम पाण्डेय

हजारीबाग रोड स्थित पानी टंकी के समीप संचालित रोशन कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम निदेशक राकेश रोशन एवं शिक्षक अंकित चंद्रवंशी में स्वामी विवेकानंद जी को माला पहनाकर पुष्प अर्पित किया तत्पश्चात विद्यार्थियों ने भी बारी-बारी से पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट की ओर से स्पीच प्रतियोगिता, सिंगिंग, डांसिंग, कविता एवं चुटकुला आदि का आयोजन किया गया। स्पीच में कुल 15 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमे अंशु गुप्ता, खिरोधर यादव, सत्यम कुमार, मो सोहराब, अजीत पंडित, अंजली कुमारी, शिव कुमार, साक्षी राज, प्रिया केशरी, आकांशा कुमारी, प्रिया कुमारी, नन्दनी कुमारी, भारती कुमारी, उदय पंडित, प्रदीप पंडित आदि शामिल थे। सिंगिंग में रखी कुमारी, अंशु साहू, डांसिंग में पवन राणा, शिव कुमार, चुटकुला एवं कविता में सोनाली कुमारी, तन्नू कुमारी, सत्यम कुमार, अंजली कुमारी ने भाग लिया। स्पीच में प्रथम मो. सोहराब जिन्हें डायरी, द्वितीय अंजली कुमारी जिन्हें पेन, तृतीय अंशु गुप्ता जिन्हें मेडल देकर सम्मानित किया गया वहीं उदय पंडित को मेडल देकर प्रोत्साहित किया गया एवं अन्य प्रतिभागियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। मौके पर निदेशक राकेश रोशन ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ये युवा अवस्था आपके जीवन का सबसे अहम हिस्सा है इस उम्र में आप जो चाहेंगे वो कर पाएंगे और प्राप्त कर पाएंगे। साथ ही स्वामी विवेकानंद जी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवनशैली बहुत उच्च कोटि का था। मात्र 25 वर्ष की उम्र में अपने आप को सन्यासी जीवन मे प्रवेश कर लिया था। जब वे 30 उम्र के थे तो शिकागो (अमेरिका) में धर्म सम्मेलन अपने संबोधन से मन मोह लिया था। जिससे उनके जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा था और उनको विश्व मे प्रसिद्धि मिली थी। उन्हें दर्शनशास्त्र में विशेष रुचि थी। इसी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने अन्तरमन की सुने तरक्की अवश्य होगी और आप सफल अवश्य होंगे। जिससे वे अपने आप को जान पाए थे। रामकृष्ण परमहंस जी उनके गुरु थे। जब कभी उन्हें किसी भी प्रश्नों का हल चाहिए रहता था तो वे रामकृष्ण परमहंस जी से परामर्श लेते थे। शिक्षक अंकित चंद्रवंशी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप जो भी मन मे थान लेते हैं वो बन जाते हैं। इसलिए यह आवश्यक है आप जीवन मे सकारात्मक सोचें सफलता अवश्य मिलेगी।

मौके पर सकिय खातून, आरती कुमारी, सोनल कुमारी, तन्नू कुमारी, सोनाली कुमारी, साक्षी राज, कोमल कुमारी, ललिता कुमारी, संतोषी कुमारी, राखी कुमारी, उषा कुमारी, प्रिया केशरी, आकांशा कुमारी, शिवानी कुमारी, नन्दनी कुमारी, अंशु साहू, अंजली कुमारी, भारती कुमारी, वैशाली कुमारी, अजीत कुमार, सत्यम कुमार, खिरोधर यादव, मो सोहराब, सुजीत कुमार सिंह, राज कुमार, अंशू गुप्ता, प्रदीप पंडित, उदय पंडित, संजीब कुमार, राहुल कुमार, पवन राणा, शिव कुमार आदि उपस्थित थे।


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