
*धनबाद :* राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक ने धनबाद सिविल को मई में ही सदर अस्पताल अस्पताल में कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) खोलने का निर्देश दिया था। तीन महीने बाद भी यहां अभी तक यह केंद्र नहीं खोला जा सका।

अब सरकार इस केंद्र के संचालन की वस्तुस्थिति से संबंधित प्रतिवेदन मांग रही है। इसको लेकर शनिवार को रांची से पत्र आ गया है। इस पत्र ने अधिकारियों की बेचैनी बढ़ा दी है। अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि जो कुपोषण उपचार केंद्र खुला ही नहीं है, उसकी रिपोर्ट क्या भेजी जाए।

बता दें कि धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सदर अस्पताल में कुपोषण उपचार केंद्र नहीं होने का मामला उठाया था। विधायक के सवाल पर तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने जवाब में कहा था कि सदर अस्पताल में कुपोषण उपचार केंद्र खोला जा सकता है।
इस जवाब के बाद अभियान निदेशक ने 3 मई को सदर अस्पताल में कुपोषण उपचार केंद्र के संचालन का निर्देश दिया था। यह केंद्र अभी तक नहीं खोला जा सका है। इस बीच धनबाद के सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा का तबादला जामताड़ा हो गया। उनकी जगह नए सिविल सर्जन डॉ सीवी प्रतापन ने कमाल संभाल ली। सदर के तत्कालीन उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार का भी तबादला हो गया। उनकी जगह डॉ राजकुमार सिंह सदर के नोडल ऑफिसर बनाए गए हैं। पूर्व के अधिकारियों की अनदेखी अब नए अधिकारियों के मत्थे पड़ गया है।
*10 बेड का खोलना था केंद्र*
सदर अस्पताल में 10 बेड का कुपोषण उपचार केंद्र खोला जाना था। इस केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाता है। यहां उनके लिए पौष्टिक आहार और दवाओं की व्यवस्था की जाती है। इसकी सारी व्यवस्था अलग होती है।
*तीन दिनों के भीतर मांगा है जवाब*
उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं सह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के शिशु स्वास्थ्य कोषांग के नोडल पदाधिकारी ने सिविल सर्जन ने रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए उन्हें तीन दिनों का समय दिया गया है। इन तीन दिनों में केंद्र खोलना संभव नहीं है। यदि खोल भी लिया जाए तो इतनी जल्दी उसका संचालन मुश्किल है। नतीजा यह मामला फंस गया है। सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि मांगी गई रिपोर्ट विधानसभा को भेजनी है ताकि विधायक राज सिन्हा के सवाल के जवाब में प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा सके।
*बयान*
सदर अस्पताल में कुपोषण उपचार केंद्र से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई है। सिविल सर्जन के दिशा निर्देश के अनुसार सरकार को ससमय रिपोर्ट भेज दी जाएगी। सदर में फिलहाल कुपोषण उपचार केंद्र का संचालन नहीं हो रहा।
– डॉ राजकुमार सिंह, नोडल पदाधिकारी, सदर अस्पताल धनबाद
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