
आज श्रीराम भक्तों के नेत्र भावविभोर हैं क्योंकि त्रेता युग मे राजा दशरथ के अयोध्या नगरी में माता कौशल्या ने श्रीराम प्रभु को जन्म दिया था। तब अयोध्या नगरी समेत सम्पूर्ण ब्रह्मांड में खुशी की लहर दौड़ गयी थी। राम भक्तों के घरों में दीप जलाकर दीपावली मनाई गई थी। आज 22 जनवरी को यही दृश्य दिखाई दे रहा है। यह दृश्य क्यो नही दिखाई दे क्योकि श्री राम प्रभु 500 वर्षो के बाद अधोध्या नगरी के अपने घर बिराजमान हो रहे हैं। प्रभु को बिराजमान होते देख किसकी आंखे नम नही होंगे। किसके द्वार पर खुशियां नही होंगी। कौन पूजा अर्चना नही करेगा। सबके मन मष्तिष्क में आज बस श्री राम प्रभु है। न केवल हम आप बल्कि पूरे देश या यूं कहें पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार में खड़ी है। निसन्देह 12 बजकर 30 मिनट के अंदर रामलला के श्यामवर्ण मूर्ति में परमात्मा स्वयं प्राण बनकर प्रगट होंगे तब यह पल अद्भूत होगा। आप जानते ही हैं कि श्री राम प्रभु का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। आज उसी मुहूर्त में प्रभु का प्राण प्रतिष्ठा होगा। इस घड़ी में स्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, जैसे कई शुभ योग बन रहे है। ऐसे काल मे पूजा अर्चना करने से फल की प्राप्ति होती है। प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
आज लगभग सभी श्री रामभक्त इस काल का इंतजार में पलके बिछाए बैठे हैं।
आइए हमसब हज़ारीबाग़ के श्रीरामभक्त भी उस अभिजीत मुहूर्त में सच्चे तन मन से पूजा अर्चना कर इस पल का सुखद अनुभव करे।
जय जय श्रीराम

There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
