
पश्चिमी सिंहभूम जिले में
टीबी मुक्त भारत अभियान को धरातल पर उतारने और मरीजों को सामाजिक व पोषणयुक्त संबल प्रदान करने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम, पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा के कर-कमलों द्वारा कुल 55 टीबी मरीजों के बीच विशेष पोषाहार पैकेट का वितरण किया गया। जिला प्रशासन की इस मानवीय पहल का उद्देश्य मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ बनाना है।

कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम ने कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते मरीज बिना किसी लापरवाही के डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा का सेवन करें। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि दवाओं के साथ-साथ इस बीमारी से लड़ने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना बेहद जरूरी है, जिसके लिए पौष्टिक आहार अनिवार्य है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा पोषाहार वितरण की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सिंहभूम प्रमंडल के हर टीबी मरीज को मुख्यधारा में लाना और स्वस्थ देखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी मुक्त जिला बनाने का संकल्प केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ और निक्षय मित्र योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि कोई भी मरीज खुद को अकेला न समझे। पूरा जिला प्रशासन और समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा है। उपायुक्त ने कहा कि सही समय पर जांच, नियमित दवा, सही पोषण और सकारात्मक सोच के समन्वय से ही हम बहुत जल्द पश्चिमी सिंहभूम को टीबी मुक्त जिला बनाने में सफल होंगे।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने भी मरीजों की स्वास्थ्य सुधार प्रक्रिया की निरंतर ट्रैकिंग और बेहतर देखभाल को लेकर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने जिले में टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि सदर अस्पताल सहित जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त जांच और दवाइयाँ सुलभ कराई जा रही हैं। वितरित किए गए पोषाहार पैकेटों में उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्रियां जैसे- दाल, मूंगफली, सत्तू, सोयाबीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं।
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