
झारखंड सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया कि यूपीएससी (UPSC) ने राज्य के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) पद के लिए तीन वरिष्ठ अफसरों के नाम का पैनल भेजा है.इनमें से किसी एक को आगामी 12 फरवरी तक डीजीपी (DGP) के पद पर नियुक्त कर लिया जाएगा
सरकार के इस जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने मौजूदा डीजीपी नीरज सिन्हा के खिलाफ दायर अवमानना याचिका निष्पादित कर दी.

सेवानिवृत्त होने के बाद भी डीजीपी के पद पर बने रहने पर कोर्ट ने भेजा था नोटिस
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया था कि डीजीपी नीरज सिन्हा 31 जनवरी 2022 को सेवानिवृत्त होने के बाद भी इस पद पर बने हुए हैं. पूर्व में इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार,डीजीपी के पद पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा करने वाली संस्था यूपीएससी और मौजूदा डीजीपी नीरज सिन्हा को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने मौजूदा डीजीपी को एड-हॉक तौर एक साल का कार्य विस्तार दिए जाने पर झारखंड सरकार को फटकार लगाई थी
11 फरवरी को रिटायर होंगे
इसके बाद अलग-अलग तारीखों में हुई सुनवाई के दौरान यूपीएससी (UPSC) ने अदालत को बताया था कि झारखंड सरकार की ओर से नए डीजीपी के लिए भेजे गए प्रस्ताव में खामियां हैं,जिसे दूर करने के लिए राज्य सरकार को लिखा गया है. इसके बाद राज्य सरकार ने यूपीएससी को संशोधित प्रस्ताव भेजा था. इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद यूपीएससी ने तीन अफसरों के नाम का पैनल सरकार को भेजा है.यूपीएससी की ओर से अधिवक्ता ने सोमवार को कोर्ट को इसकी जानकारी दी. झारखंड सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि यूपीएससी की ओर से जो तीन नाम मिले हैं, उनमें से किसी एक की नियुक्ति 12 फरवरी को डीजीपी के पद पर कर दी जाएगी. मौजूदा डीजीपी नीरज सिन्हा 11 फरवरी को रिटायर होंगे

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