
*झारखंड सरकार के लिए बोझ बनता जा रहा है 1100 शौचालय, अब कूपन कटाइये और फ्रेश होइए*,

*सुलभ इंटरनेशनल को मिलेगा संचालन का जिम्मा, कैबिनेट में आयेगा प्रस्ताव*

*रांची :* झारखंड के शहरी क्षेत्र के सरकारी शौचालयों के इस्तेमाल के लिए शुल्क देना होगा. इन शौचालयों के रख-रखाव व संचालन में आ रहे खर्चो को बड़ा वित्तीय बोझ मानते हुए सरकार ने निकायों से इसके संचालन रख-रखाव का काम वापस लेते हुए सुलभ इंटरनेशनल को देने का फैसला लिया है. इन शौचालयों के रख-रखाव में करोड़ों की राशि खर्च करने के बाद भी गंदगी बनी रहती है.
ऐसे में शहरी क्षेत्र में अवस्थित नगर निकायों के अंतर्गत सभी शौचालयों-मुत्रालय का रख-रखाव व संचालन की जिम्मेवारी सुलभ इंटरनेशन सोशल सर्विस को दिया जायेगा.
राज्य सरकार ने इसके लिए झारखंड वित्त नियमावली के प्रावधानों को शिथिल करने का निर्णय लिया है और मनोनयन के आधार पर सुलभ इंटरनेशनल का चयन करने पर अपनी सहमति दी है. नगर विकास विभाग अगली कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधी प्रस्ताव लायेगा. जिसमें मंजूरी मिलने के बाद राज्य के 1100 से अधिक शौचालयों के संचालन का जिम्मा सुलभ इंटरनेशन के पास चला जायेगा.
इसी आलोक में निकाय स्तर पर सुलभ इंटरनेशन के साथ एमओयू किया जायेगा. सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों को दो वर्ग- पे एंड यूज एवं नि:शुल्क में विभाजीत किया जायेगा. पे-एंड यूज श्रेणी के शौचालयों के संचालन-रख-रखाव के लिए निकाय स्तर पर सुलभ इंटरनेशन को किसी तरह की राशि नहीं दी जायेगी. ऐसे शौचालयों के दर का निर्धारण निकाय व सुलभ इंटरनेशनल तय करेगा. वहीं कुछ शौचालय का इस्तेमाल नि:शुल्क ही रहेगा पर इसेक संचालन का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल के पास ही रहेगा.
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