• Thu. Apr 2nd, 2026

झारखंड मौसम: झारखंड में 11 और 12 मई को कई जिले में होगी वारिश और बज्रपात,मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट जारी*

Admin Office's avatar

ByAdmin Office

May 9, 2022
crescent ad

*झारखंड मौसम: झारखंड में 11 और 12 मई को कई जिले में होगी वारिश और बज्रपात,मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट जारी*

झारखंड मौसम केंद्र की ओर से 11 और 12 मई को बारिश और वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिणी,उत्तर-पूर्वी व मध्य भाग में मेघ गर्जन,वज्रपात के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है।

चक्रवाती तूफान असानी का झारखंड के कुछ जिलों में मामूली असर दिखने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 11 से लेकर 13 मई तक क्लाउड बैंड के असर से देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला के अलावा रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग और गुमला में कुछ जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।

*मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट*

मौसम केंद्र की ओर से 11 और 12 मई को बारिश और वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी व मध्य भाग में मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ हल्की बारिश हो सकती है। केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि चक्रवाती तूफान असानी 10 मई को शाम में बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्र प्रदेश से आगे ओड़िशा के समुद्री तट के करीब पहुंचेगा, लेकिन तट के अंदर तक प्रवेश के बजाय बगल से आगे निकल जाएगा। इसके प्रभाव से क्लाउड बैंड बनेगा।

*मिलीें उमस से राहत, मौसम हुआ सुहाना*

झारखंड के कई इलाकों में रविवार को आसमान में आंशिक बादल छाए रहे। सतही हवा का बहाव होता रहा। दोपहर में जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से परेशानी हुई, वहीं शाम में मौसम सुहाना हो गया। पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे अधिक बारिश नीमडीह में 17.4 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा जमशेदपुर में 14.0, घाटशिला में 12.0, महेशपुर में 8.4 मिमी बारिश हुई। राज्य में मेदिनीनगर को छोड़ शेष जिले का अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री CC के अंदर कायम रहा।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

सिद्ध श्री नहरिया बाबा मंदिर नैला में हनुमान जयंती का आयोजन
चांडिल: चांडिल बांध के नौका विहार स्थल पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी (विमुवा) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्यामल मार्डी ने की। बैठक में सुवर्णरेखा परियोजना द्वारा विस्थापितों के पुनर्वास अधिकारों की अनदेखी करने और पर्यटन का जिम्मा गैर-विस्थापित एजेंसियों को सौंपने का कड़ा विरोध किया गया। विमुवा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के नाम पर पर्यटन क्षेत्र को कॉरपोरेट और बाहरी व्यापारियों के हवाले करने की योजना बना रही है। इसके विरोध में 30 अप्रैल को जोयदा शहादत दिवस के अवसर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही, बिरसा मुंडा शहादत दिवस पर स्वर्णरेखा परियोजना कार्यालय के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में कृतज्ञता पैकेज, मॉडल आवासीय विद्यालय, चांडिल पॉलिटेक्निक में 50% आरक्षण और पालना जलाशय योजना को पूरा करना शामिल है। बैठक में नारायण गोप, देवेंद्र महतो और अरविंद अंजुम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। YouTube Thumbnail के लिए Bold Text विस्थापितों का हल्ला बोल! (सबसे बड़ा और लाल रंग में) चांडिल बांध: कॉरपोरेट राज का विरोध 30 अप्रैल: बड़ी पदयात्रा की तैयारी हक छीना तो होगा आंदोलन! Social Media Hashtags #ChandilDam #Seraikela #VisthapitMuktiVahini #JharkhandNews #RehabilitationRights #JusticeForDisplaced #ChandilNews #SwarnaRekhaProject #CorporateVsPeople #BirsaMunda #JharkhandPolitics #SaveChandilDam प्रमुख मांगे एवं आगामी कार्यक्रम (Checklist): 30 अप्रैल 2026: जोयदा शहादत दिवस पर पदयात्रा। बिरसा मुंडा शहादत दिवस: चांडिल स्वर्णरेखा कार्यालय पर धरना। प्रमुख मांग: चांडिल पॉलिटेक्निक में विस्थापितों के लिए 50% आरक्षण। विशेष: विस्थापित आंदोलन के 40 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2027 में भव्य आयोजन की रूपरेखा।
आरएसपी कॉलेज की शिफ्टिंग पर छिड़ा ‘सियासी संग्राम’: विधायक चंद्रदेव महतो ने किया कड़ा विरोध।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

चांडिल: चांडिल बांध के नौका विहार स्थल पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी (विमुवा) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्यामल मार्डी ने की। बैठक में सुवर्णरेखा परियोजना द्वारा विस्थापितों के पुनर्वास अधिकारों की अनदेखी करने और पर्यटन का जिम्मा गैर-विस्थापित एजेंसियों को सौंपने का कड़ा विरोध किया गया। विमुवा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के नाम पर पर्यटन क्षेत्र को कॉरपोरेट और बाहरी व्यापारियों के हवाले करने की योजना बना रही है। इसके विरोध में 30 अप्रैल को जोयदा शहादत दिवस के अवसर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही, बिरसा मुंडा शहादत दिवस पर स्वर्णरेखा परियोजना कार्यालय के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में कृतज्ञता पैकेज, मॉडल आवासीय विद्यालय, चांडिल पॉलिटेक्निक में 50% आरक्षण और पालना जलाशय योजना को पूरा करना शामिल है। बैठक में नारायण गोप, देवेंद्र महतो और अरविंद अंजुम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। YouTube Thumbnail के लिए Bold Text विस्थापितों का हल्ला बोल! (सबसे बड़ा और लाल रंग में) चांडिल बांध: कॉरपोरेट राज का विरोध 30 अप्रैल: बड़ी पदयात्रा की तैयारी हक छीना तो होगा आंदोलन! Social Media Hashtags #ChandilDam #Seraikela #VisthapitMuktiVahini #JharkhandNews #RehabilitationRights #JusticeForDisplaced #ChandilNews #SwarnaRekhaProject #CorporateVsPeople #BirsaMunda #JharkhandPolitics #SaveChandilDam प्रमुख मांगे एवं आगामी कार्यक्रम (Checklist): 30 अप्रैल 2026: जोयदा शहादत दिवस पर पदयात्रा। बिरसा मुंडा शहादत दिवस: चांडिल स्वर्णरेखा कार्यालय पर धरना। प्रमुख मांग: चांडिल पॉलिटेक्निक में विस्थापितों के लिए 50% आरक्षण। विशेष: विस्थापित आंदोलन के 40 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2027 में भव्य आयोजन की रूपरेखा।