
झरिया: झरिया में झमाडा द्वारा छठे दिन भी जलापूर्ति बाधित रहने के विरोध में स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों ने रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत व्यवसायियों ने काला बिल्ला लगाकर पूरे झरिया शहर में एक मौन जुलूस निकाला और झमाडा की कार्यप्रणाली पर गहरी चिंता व नाराजगी व्यक्त की। विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने कड़े शब्दों में कहा कि विभाग पूरी तरह से निरंकुश हो चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। चिंता जताई गई कि आजादी के इतने दशक बीत जाने के बावजूद झरिया के वासी पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सरकारें बदलती रहीं, लेकिन किसी ने भी इस स्थायी समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं दिया।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि झमाडा जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करे, अन्यथा झरिया की जनता मजबूर होकर एक तीव्र और बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। विरोध प्रदर्शन और मौन जुलूस में उपेंद्र गुप्ता, शिव चरण शर्मा, श्रीकांत अंबष्ट, उमेश तिवारी,अनूप साव (पूर्व पार्षद), अरिंदम बनर्जी, सतारायण भोजगढ़िया, महेश शर्मा,उमाचरण रजवार, विकास कुमार वर्मा, मनोहर अग्रवाल, राकेश कुमार गुप्ता, कुंदन मोदक, प्रदीप तुलस्यान, बसंत अग्रवाल, अरुण चौरसिया, देवी बागड़िया, विजय केशरी, राजेश गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, ललन गुप्ता, अशोक चौरसिया, परवेज आलम, हीरा गुप्ता, राजेश शर्मा, दिलीप केशरी सहित अन्य कई नागरिक उपस्थित रहे।
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